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नगर निगम : 89 लाख के लाभ के साथ 617.05 करोड़ का बजट पेश, कांग्रेस ने कहा – यह कॉपी पेस्ट बजट, सत्तापक्ष लड़ाई में उलझा, विकास की तरफ ध्यान नहीं

आंशिक संशोधन के साथ हुआ पारित, अधोसंरचना और विकास पर जोर

कटनी, यशभारत। नगर पालिक निगम कटनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम (वित्त एवं लेखा) नियम-2018 के आधार पर तैयार यह बजट शहर के विकास, जनसुविधाओं और राजस्व वृद्धि पर केंद्रित है। निगम ने इस वर्ष कुल 89.38 लाख रुपये के लाभ का 617.05 करोड़ का बजट तैयार किया है। जिसे आंशिक संशोधन के साथ सर्वसम्मति से अंगीकार कर लिया गया। बजट का वित्तीय ढांचा
बजट में आय और व्यय को प्रमुख रूप से चार भागों (राजस्व आय, राजस्व व्यय, पूंजीगत प्राप्ति और पूंजीगत व्यय) में विभक्त किया गया है।

* कुल अनुमानित आय: राजस्व और पूंजीगत प्राप्ति को मिलाकर कुल 617.05 करोड़ (6170599000.00) रुपये की आय का अनुमान है।
* कुल अनुमानित व्यय: राजस्व और पूंजीगत व्यय को मिलाकर कुल 616.16 करोड़ (6161661000.00) रुपये खर्च होने का अनुमान है।
* राजस्व बचत: राजस्व आय (166.85 करोड़) में से राजस्व व्यय (153.77 करोड़) घटाने के बाद 13.08 करोड़ रुपये की बचत अनुमानित है।
* पूंजीगत घाटा : पूंजीगत व्यय (462.39 करोड़) के मुकाबले पूंजीगत प्राप्ति (450.20 करोड़) कम होने से 12.18 करोड़ रुपये का पूंजीगत घाटा अनुमानित है।

शहर के विकास के लिए बड़े प्रावधान

बजट में सड़कों, जल प्रदाय और अधोसंरचना के लिए बड़ी राशि आवंटित की गई है:
* अमृत योजना : अमृत 1.0 और 2.0 के अंतर्गत कुल 131.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें वाटर सप्लाई हेतु 52 करोड़ और सीवरेज कार्य हेतु 36 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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* सड़क और नाली निर्माण:
* शहर में डामरीकरण के लिए 15 करोड़, सीमेंट सड़कों के लिए 14 करोड़ और नालियों के निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री अधोसंरचना (चतुर्थ चरण) के लिए 8 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
* शिक्षा और खेल:शासकीय स्कूलों में सुधार हेतु शिक्षा उपकर से 6.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल मैदानों हेतु 2.50 करोड़ और खेल प्रतियोगिताओं के लिए बजट बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
* यातायात और पर्यटन: शहर में सुरक्षित यातायात के लिए मल्टीलेवल पार्किंग हेतु 2 करोड़ और कटनी सैंड स्टोन से प्रवेश द्वार निर्माण हेतु 3 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

पर्यावरण और अन्य विशिष्ट योजनाएं

सौर ऊर्जा: बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु सौर ऊर्जा के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
* जल संरक्षण: जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत विभिन्न कार्यों के लिए 1 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
* शहरी गरीब: गरीबों के लिए मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों हेतु 5 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
* *पार्क और जिम*: पार्क, स्विमिंग पूल और जिम निर्माण हेतु 2.50 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।

आय बढ़ाने के स्रोत

निगम ने अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए संपत्तियों की नीलामी और कर वसूली पर ध्यान केंद्रित किया है:
* कलेक्ट्रेट के सामने वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स और भूखंडों की नीलामी से 40 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य है।
* प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अर्धनिर्मित LIG/MIG भूखंडों के विक्रय से 50 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है।
* ट्रांसपोर्ट नगर के भूखंडों के प्रीमियम से 12 करोड़ रुपये की आय अनुमानित है।

स्थापना और प्रशासनिक खर्च

निगम के कर्मचारियों के वेतन, महंगाई वृद्धि और सेवानिवृत्त लाभों (स्थापना व्यय) के लिए 55.93 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो कुल राजस्व आय का 33.52 प्रतिशत है। इसके अलावा, भवनों के बिजली बिल, विज्ञापन, ईंधन और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए 19.09 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

पूरे बिंदुओं पर चर्चा हुए बिना बजट स्वीकृत होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण ; कांग्रेस

कांग्रेस ने नगर निगम परिषद की बैठक में पेश बजट पर प्रतिक्रिया वांट करते हुए कहा कि सत्तापक्ष के पार्षदगण में जल कर में वृद्धि, महापौर गुरुकुल, महापौर जन सुनवाई जैसे अन्य मुद्दों पर अत्यंत मतभेद दिखाई दिया। सत्तापक्ष के पार्षद दो गुटों में बंटे हुए नजर आए। पार्षद मिथलेश जैन एडवोकेट ने फूल पूजन सामग्री एकत्रित करने वाली वाहन खरीदी के बारे में कहा कि वाहन द्वारा सिर्फ वार्ड विशेष में पूजन सामग्री एकत्रित किया जा रहा है जबकि हर वार्ड के प्रत्येक मंदिरों में गाड़ी को भेजा जाना चाहिए और यह मुद्दा नगर हित से संबंधित होने के कारण उक्त संबंध में परिषद की बैठक में नीति निर्धारित की जानी चाहिए। मिथलेश जैन ने पूर्व के बजट में महापौर हेल्पलाइन और प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित किए जाने का प्रावधान किए जाने के बाद भी लागू ना किए जाने पर आपत्ति जताई। कांग्रेस ने कहा है कि बजट में जनता के लिए कुछ भी नया नहीं है। विगत 2 वर्षों में सड़क, नाली और प्रकाश व्यवस्था के लिए अनुमानित कार्य नहीं किए जा सके है सिर्फ और सिर्फ जनता से टैक्स वसूली के लिए प्रयास किए जाते रहे हैं।

रोजगार देने की बजाय मशीन खरीदने में ज्यादा रुचि : नेता प्रतिपक्ष

नेता प्रतिपक्ष रागिनी गुप्ता का कहना है कि स्थानीय लोगों को रोजगार देने के बजाय मशीन खरीदने में नगर निगम की विशेष रुचि होती है जिसमें कमीशनखोरी होती है और मशीनों और वाहन खरीदने के बाद बंद पड़े रहते है जिसमें नाली सफाई, सड़क सफाई के लिए खरीदे गए वाहन इसके उदाहरण है। कहा गया है कि विगत कई वर्षों से गर्मी में पानी की कमी होती रही है लेकिन उसके लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे है।

अवरुद्ध है अनेक विकास कार्य, बजट का रोना

कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि बजट प्रस्तुत होने के बाद भी सड़क, नाली, पानी और प्रकाश व्यवस्था हेतु कार्य प्रारम्भ होने में वित्तीय स्थिति का रोना रोकर कई माह बीत जाते हैं जिससे विगत 2 वर्षों में वार्डों में विकास कार्य अवरुद्ध है। सड़क नाली निर्माण के गुणवत्ता पूर्ण कार्य भी नहीं हो रहे है और इसकी ओर निगम प्रशासन का कोई भी ध्यान नहीं दिया जाता है।

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