मोहर्रम : शहर में बारिश के बीच ताजियों और सवारियों की जियारत, जगह – जगह लंगर में भारी भीड़, मेन रोड पहुंचा जुलूस, बारिश से बचाने ताजियों को ढका पन्नी से

कटनी, यशभारत । बारिश के बीच शहर में मोहर्रम का पर्व मनाया जा रहा है। रिमझिम के व्यवधान के चलते दिलावर चौक से जुलूस शुरू होने में विलंब हुआ, लेकिन मिशन चौक से लेकर थाना तिराहा तक जगह जगह लंगर में छबील, शरबत और भोजन का वितरण हो रहा है। शहर के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से मेन रोड पर ताजिये और सवारियां लाने में वक्त लग रहा था। रात्रि 8 बजे तक कम ही ताजिए स्टेशन रोड पर पहुंच पाये थे, लेकिन इमामबाड़ों से ढोल ढमाकों के बीच उठे ताजियों के जुलूस में रिमझिम के बावजूद उत्साह देखते बन रहा था। मोहर्रम के जलसे में दीगर समाजों के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर कटनी शहर की गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखा। रात्रि 9 बजे मिशन चौक पर मुहर्रम इंतजामिया कमेटियों के लंगर में भारी भीड़ देखने मिली। थोड़ी देर के लिए जाम की स्थिति भी बनी, लेकिन पुलिस के इंतजामों ने ज्यादा देर ट्रैफिक जाम नहीं होने दिया।
इस बार मोहर्रम में बारिश की वजह से ताजियेदारों की मुश्किलें बढ़ गई, तथापि उत्साह में कोई कमी नहीं है। त्यौहार कमेटियां व्यवस्था बनाने में लगी हैं तो पुलिस भी पूरे जुलूस मार्ग पर नजर आ रही है। परम्परानुसार ताजियों की जियारत को भी लोग मेन रोड पर पहुंचे। निर्धारित मार्ग पर गश्त के बाद तजिए कर्बला शरीफ में ठंडे किए जाएंगे।
अकील सिद्दीकीने बताया, दिन में मौसम बिल्कुल साफ था, इसलिए कुछ जगह ताजियों को सजाकर बाहर रखा था। अचानक बारिश शुरू हो गई, जिसके बाद तुरंत उन्हें इमामबाड़े के अंदर शिफ्ट किया गया। बाद में इन्हें पन्नी से ढककर जुलूस में ले जाया गया। मेन रोड पर बैंड दल और अश्व सवारों के साथ मोहर्रम जुलूस पहुंचा। इसके पहले अलग अलग इमामबाड़ों से ताजिया और सवारी के जुलूस दिलावर चौक पहुंचकर इकट्ठे हुए। यहां से बारिश के बावजूद जुलूस आगे बढ़ गया।
लोग कहते हैं… यहां री होती हैं मन्नतें पूरी
ताजिया बनाने वाले सलमान कहते हैं, हमारे सामने चुनौती यह है कि ताजिया गीला हो गया और हम उसे सुखाने की कोशिश कर रहे हैं। ताजिया बनाने में 1.5 से 2 लाख रुपए का खर्च आता है और इसे तैयार होने में दो महीने लगते हैं। लोग कहते हैं कि तजिए के दीदार और उसके नीचे से निकलने पर मन्नतें पूरी होती हैं। आज भी यह नजारा देखने मिला। हालांकि ताजियों को बारिश से बचाने पन्नी से कवर कर जुलूस में निकाला गया।
आकर्षक साज सज्जा
मिशन चौक से लेकर नगर निगम और आजाद चौक तक आकर्षक साज सजावट की गई है। नगीना मस्जिद को भी सजाया गया है। जुलूर्स मार्ग पर झालर लगाकर रोशनी की गई है। इसके पहलेपर्व की तैयारियां आज दिन भर की जाती रहीं। पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन की शहादत का मातमी पर्व मोहर्रम के जुलूस को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है। जुलूस दिलावर चौक से यासीन होटल, रजा चौक, मौला चौक, नगर निगम के सामने से होता हुआ सुभाष चौक पहुंचा। वहां से कमानिया गेट पहुंचेगा और कमानिया गेट में लगभग 2-3 घंटे जुलूस रूककर वापिस होगा। वापिसी में जगह-जगह रूकता हुआ मेन रोड से होता हुआ वापिस मिशन चौक पहुंचेगा। आजाद चौक में लगभग रात्रि 2 बजे गाटरघाट व धाऊ चक्की कर्बला शरीफ के लिए रवाना होगा। रात्रि 2 बजे से 3 बजे तक जुलूस का समापन होगा। दोपहर बाद मोहर्रम पर्व के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा ताजिया जुलूसों को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य द्वारा थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ताजिया जुलूस मार्गों का पैदल सघन निरीक्षण किया गया।








