दो लाख की रिश्वत लेते नगर पालिका सीएमओ गिरफ्तार, ठेकेदार से भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत

मंडला,यश भारत। लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को मंडला नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी गजानन नाफड़े को दो लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त मध्यप्रदेश योगेश देशमुख के निर्देशन और पुलिस उप महानिरीक्षक लोकायुक्त मनोज सिंह के नेतृत्व में की गई। लोकायुक्त के अनुसार जबलपुर निवासी शासकीय पंजीकृत ठेकेदार ज्ञानचंद बेन ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी के नाम से पंजीकृत फर्म को मंडला नगर पालिका से एलईडी लाइट और फिटकरी सप्लाई का ठेका मिला था। इसके अलावा शिकायतकर्ता को पाइप जॉइंट और वाटर कूलर सप्लाई का कार्य मिला था।
शिकायतकर्ता के अनुसार पत्नी की फर्म के 3 लाख 92 हजार 300 रुपए का भुगतान हो चुका था। इसके बाद अपने करीब 15 लाख रुपए के लंबित भुगतान के लिए वह नगर पालिका सीएमओ गजानन नाफड़े से मिला। आरोप है कि सीएमओ ने भुगतान के एवज में उसकी पत्नी के कार्य के भुगतान का 12 प्रतिशत रिश्वत के रूप में मांगा।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर आरोपी सीएमओ ने दो लाख रुपए लेने पर सहमति जताई। इसके बाद शुक्रवार को लोकायुक्त की टीम ने नगर पालिका परिषद मंडला कार्यालय में जाल बिछाया और गजानन नाफड़े को दो लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) और 13(2) के तहत कार्रवाई शुरू की है। ट्रेप कार्रवाई में टीएलओ निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक जितेंद्र यादव, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया सहित लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल रहा।






