गेहूं उपार्जन में बड़ी लापरवाही,गृह क्षेत्र में तैनात किए सर्वेयर और निरीक्षक
पाटन में पूरी लोकल टीम

जबलपुर, यश भारत। एक ओर जहां गेहूं उपार्जन की रफ्तार नहीं बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफलापरवाहियां भी सामने आने लगी हैं। गेहूं की गुणवत्ता को देखने के लिए आर बी एसोसिएट्स को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उसके द्वारा एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जानकारी के मुताबिक कंपनी द्वारा उपार्जन केंद्रों पर जिन सर्वेयर की तैनाती की गई है, उनमें से कई सर्वेयरों को उनके गृह क्षेत्र में ही तैनात कर दिया गया है। यानी जहां उपार्जन केंद्र बनाया गया है, उसी क्षेत्र या तहसील में लड़कों को गुणवत्ता जांच के लिए तैनात कर दिया गया, जबकि इसको लेकर अधिकारियों द्वारा पहले ही निर्देश दिए गए थे कि जो लड़के जहां के निवासी हैं, उन्हें वहां काम नहीं दिया जाए।
लगातार एक ही समिति में हो रही तैनाती
यश भारत को मिली जानकारी के अनुसार कुछ सर्वेयर ऐसे हैं जिन्हें लगातार एक ही समिति में काम दिया जा रहा है। ऐसे में उक्त समिति के कर्मचारियों और सर्वेयर के बीच गठजोड़ तैयार हो जाता है और उसके बाद घटिया गुणवत्ता की खरीदी और अतिरिक्त फीडिंग जैसे मामले सामने आते हैं। जबकि जिम्मेदार अधिकारियों को चाहिए कि हर साल सर्वेयर की समिति बदल दी जाए। ऐसा ही मामला सहजपुर समिति का है, जहां लगातार संदीप पटेल को सर्वेयर बनाया जा रहा है, जो कि समिति के ही कर्मचारी कमल पटेल का करीबी रिश्तेदार है और लगातार उसे उसी समिति में काम दे दिया जाता है।
पाटन में पूरी लोकल टीम
पाटन तहसील में बनाए गए केंद्रों में सबसे ज्यादा स्थानीय लड़कों को ही काम दिया गया है, जिसमें सर्वेयर से लेकर औचक निरीक्षक तक सभी पाटन तहसील के ही निवासी हैं और उन्हें अपने घर के नजदीक के गोदामों में तैनात कर दिया गया है। जबकि जबलपुर जिले की गंभीरता को देखते हुए सर्वेयरों को अलग-अलग तहसीलों में काम दिया जाना चाहिए था। जो सर्वेयर पाटन में तैनात किए गए हैं, वे भी लगातार वहीं तैनात हो रहे हैं और औचक निरीक्षक भी पाटन का निवासी है। साथ ही इसके पहले के सीजन में भी उसे पाटन में ही तैनात किया गया था।
आईडी किसी की, काम किसी का
इस पूरे मामले में एक और गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसमें किसी की आईडी पर कोई और व्यक्ति काम करता पाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार ऐसे लगभग पांच केंद्र हैं, जहां रजिस्टर में नाम किसी और का दर्ज है और आईडी भी उसी नाम से बनाई गई है, लेकिन मौके पर काम कोई अन्य व्यक्ति कर रहा है। यह स्थिति न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि उपार्जन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करती है। इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा सर्वेयरों को फोटो आईडी के साथ ही केंद्रों पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद उपार्जन शुरू होने के एक सप्ताह बाद भी कई सर्वेयर फोटो आईडी के साथ केंद्रों पर नजर नहीं आ रहे हैं।








