जबलपुर में वकीलों पर बढ़ते हमलों के विरोध में वकीलों का आर-पार का आंदोलन, पुलिस को 3 दिन का अल्टीमेटम

जबलपुर में वकीलों पर बढ़ते हमलों के विरोध में वकीलों का आर-पार का आंदोलन, पुलिस को 3 दिन का अल्टीमेटम
जबलपुर में अधिवक्ताओं और उनके परिजनों पर लगातार हो रहे हमलों से नाराज होकर अधिवक्ता ने गुरुवार को उग्र प्रदर्शन किया। जिला अधिवक्ता संघ और हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने एकजुट होकर हाईकोर्ट चौराहे पर चक्का जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

यह आंदोलन हाल ही में हुई दो बड़ी घटनाओं के विरोध में है। पहला मामला लार्डगंज थाना क्षेत्र का है, जहां जिला अधिवक्ता संघ के सह-सचिव मनोज शिवहरे और उनके बेटे शिवांश पर जानलेवा हमला हुआ था। दूसरी घटना हनुमानताल थाना क्षेत्र में हुई, जहां अधिवक्ता उमेश और उनके पिता पर भी हमला किया गया। इन दोनों ही मामलों में हमलावर अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे अधिवक्ता समुदाय में गहरा रोष व्याप्त है। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मनीष मिश्रा और सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आगामी तीन दिनों के भीतर हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो अधिवक्ता समुदाय और बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर इन गंभीर घटनाओं में तत्काल गिरफ्तारी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

इस उग्र आंदोलन में जिला अधिवक्ता संघ, कलेक्टर अधिवक्ता संघ और हाईकोर्ट के वकीलों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि कानून के रक्षकों पर ही खुलेआम हमले होंगे और प्रशासन मौन रहेगा, तो यह न केवल न्याय व्यवस्था के लिए खतरनाक है, बल्कि आमजन की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।







