जबलपुर खाद्यान्न गबन मामला: भोपाल के अधिकारियों पर शिकंजा, तत्कालीन फूड कंट्रोलर को राहत

यश भारत । जबलपुर में 5 सितंबर 2025 को सामने आए ₹2.20 करोड़ के खाद्यान्न घोटाले में नया मोड़ आया है। लॉगिन आईडी के दुरुपयोग से राशन दुकानों का स्टॉक डिलीट कर गबन करने के इस मामले में तत्कालीन प्रभारी खाद्य नियंत्रक नुजहत बानो वकई, jso भावना तिवारी और सुचिता दुबे पर एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की नई जांच में तत्कालीन फूड कंट्रोलर नुजहत बानो को राहत देते हुए केवल ‘सचेत’ कर आगे कार्य करने का आदेश जारी किया गया है।
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि लॉगिन आईडी का वास्तविक उपयोग जबलपुर के बजाय भोपाल से किया गया था। यद्यपि कुछ आईपी एड्रेस जबलपुर के भी पाए गए थे, लेकिन वहां से डेटा डिलीट होने की पुष्टि नहीं हो सकी। इस खुलासे के बाद अब मुख्यालय के अधिकारी जांच के दायरे में आ गए हैं:
* संयुक्त संचालक एच.एस. परमार: मुख्यालय में पदस्थ परमार को आरोप पत्र सौंपा गया है, जिसके जवाब के आधार पर विभागीय जांच की तैयारी जारी है।
* तीन जी.एस.ओ. पर कार्रवाई: पारुल शुक्ला, पुष्पा सोनकर और सारिका कुंभारे के खिलाफ औपचारिक विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
* आईडी कस्टोडियन की भूमिका: भोपाल में आईडी व पासवर्ड के कस्टोडियन रहे वरिष्ठ अधिकारी जाच के दायरे में है ।
इस घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि एफआईआर के समय जो मामला केवल जबलपुर तक सीमित दिख रहा था, उसके तार भोपाल मुख्यालय से जुड़े थे। विभाग द्वारा दी गई इस राहत और नए तथ्यों ने शुरुआती कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे प्रशासनिक खींचतान और विभागीय आंतरिक विवाद की संभावनाएं भी गहरा गई हैं।







