भोपालमध्य प्रदेशराज्य

पचमढ़ी के होटल व रिसोर्ट हुए बुक, केबिनेट मंत्री रुकेंगे 

पचमढ़ी के होटल व रिसोर्ट हुए बुक, केबिनेट मंत्री रुकेंगे
– 2 व 3 जून को होगी प्रदेश केबिनेट की बैठक
भोपाल यशभारत।
प्रदेश सरकार की केबिनेट बैठक 2 व 3 जून को हिल स्टेशन पचमढ़ी में होगी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन ने व्यवस्थाएं शुरु कर दी हैं। नर्मदापुरम जिले की कलेक्टर सोनिया मीना के निर्देशन में व्यवस्थाएं की जा रही हैं। केबिनेट के मंत्रियों को रुकने के लिए अभी से ही पचमढ़ी की 25 होटल व रिसोर्ट को बुक किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों के रुकने की भी व्यवस्था की जा रही है। मंत्रियों के स्टाफ के लिए अलग होटल रहेंगे। दो दिनों तक चलने वाली केबिनेट की बैठक में मंत्रियों से प्रदेश विकास को लेकर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव मंत्रियों से वन टू वन चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि मंत्रियों ने अपने अपने विभाग की सरकारी योजनाओं व अन्य जानकारियां एकत्र कर ली हैं।
प्रदेश विकास के लिए सरकार ने जो खाका तैयार किया है उसके तहत इस केबिनेट का आयोजन किया जा रहा है। इस बैठक को लेकर मंत्रियों में उत्साह भी है। हाल ही में इंदौर में भी बैठक का आयोजन किया गया था। जिसके बाद पचमढ़ी में बैठक कराने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री की पसंद है पचमढ़ी
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव को पचमढ़ी की वादियां बहुत भाती हैं। वे पहले भी कई बार पचमढ़ी प्रवास पर आ चुके हैं। सात साल पहले हुई बैठक व चिंतन शिविर में मंत्री रहते हुए शामिल हुए थे। पचमढ़ी के माहौल को देखते हुए मंत्रियों की सुविधा के अनुसार ही बैठक का आयोजन पचमढ़ी में किया जाना तय किया है।
पचमढ़ी की 395.93 हेक्टेयर क्षेत्र को अभ्यारण्य से बाहर कर नजूल भूमि घोषित करने का प्रस्ताव है।
पचमढ़ी का किया जाएगा विकास
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पचमढ़ी नगर के 395.93 हेक्टेयर क्षेत्र को अभ्यारण्य की सीमा से बाहर करते हुए नजूल भूमि घोषित कर दिया है। यह क्षेत्र वर्तमान में साडा यानि विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के प्रशासनिक नियंत्रण में है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के 12 अगस्त 2014 के आदेश के आधार पर केंद्रीय साधिकार समिति की अनुांसा पर लिया गया है। इस क्षेत्र में जमीन की खरीद फरोख्त और विकास कार्य किए जा सकेंगे पूर्व में भी 2017 में राज्य सरकार ने पचमढ़ी अभयारण्य की परिधि पर स्थित 11 ग्रामों को बाहर कर 28 अन्य गांवों को संरक्षित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया था। इस निर्णय के अब सरकार पचमढ़ी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और अन्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए विकसित कर सकेंगी साथ ही स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

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