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यश भारत भोपाल।

भोपाल वक्फ बोर्ड की पहल 2,836 जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीस जमा, 289 अनाथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगा बोर्ड

भोपाल यश भारत । मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड शिक्षा और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रहा है। बोर्ड ने पिछले दो वर्षों में आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी 2,836 विद्यार्थियों की फीस के रूप में 2 करोड़ 2 लाख 4 हजार रुपये सीधे स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में जमा कराए हैं। वहीं, भोपाल में पिता को खो चुके जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए भी विशेष पहल की गई है। इसके तहत 289 पात्र विद्यार्थियों की स्कूल फीस जमा की जाएगी।

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सन्नवर पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बोर्ड की शैक्षणिक योजनाओं, वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और आय बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय का उपयोग उन जरूरतमंद लोगों की भलाई के लिए होना चाहिए, जिनके हितों को ध्यान में रखकर संपत्तियां दान की गई थीं।

जीवन रेखा अस्पताल की संपत्ति से मिली आय से शिक्षा को सहारा

डॉ. पटेल ने बताया कि जीवन रेखा अस्पताल से संबंधित संपत्ति को नए कानून के बाद बोर्ड के प्रबंधन में लिया गया। इससे प्रतिमाह 1.80 लाख रुपये किराया प्राप्त हो रहा है, जो सालाना 21.60 लाख रुपये होता है। बोर्ड ने इस आय का उपयोग जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग देने के लिए करने की पहल की है।

उन्होंने बताया कि 25 जून 2026 को पहली विज्ञप्ति जारी कर पांचवीं, आठवीं और दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों से आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद 21 अगस्त 2026 को दोबारा विज्ञप्ति जारी की गई। दोनों चरणों में कुल 328 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 289 आवेदन पात्र पाए गए। इन विद्यार्थियों की स्कूल फीस के रूप में 7,000 से 10,000 रुपये तक की राशि जमा कराई जाएगी।

2,836 विद्यार्थियों को ड्रॉपआउट होने से बचाने का प्रयास

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण कई मेधावी विद्यार्थी अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे विद्यार्थियों की मदद के लिए बोर्ड ने जिला स्तर पर आवेदन आमंत्रित करने और पात्रता की जांच करने की व्यवस्था बनाई। इसके बाद चयनित विद्यार्थियों की फीस सीधे स्कूलों और संस्थानों में जमा कराई गई।

उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 2,836 विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ दिया गया है। इसमें बड़ी संख्या बेटियों की है। बोर्ड का उद्देश्य आर्थिक अभाव के कारण किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की पढ़ाई बाधित होने से रोकना है।

वक्फ प्रबंध समितियों को शिक्षा पर खर्च करने के निर्देश

डॉ. पटेल ने बताया कि बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों के बेहतर उपयोग और समाज के जरूरतमंद वर्गों तक उनका लाभ पहुंचाने के लिए भी पहल की है। उन्होंने कहा कि प्रबंध समितियों को शिक्षा के क्षेत्र में खर्च करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन, आवेदन प्रक्रिया और पात्रता की जांच पर जोर दिया गया है, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ही सहायता मिल सके।

कृषि भूमि से बढ़ी वक्फ बोर्ड की आय

वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन पर जानकारी देते हुए अध्यक्ष ने बताया कि मध्य प्रदेश में लगभग पांच हजार हेक्टेयर कृषि भूमि वक्फ के रूप में पंजीकृत है। हालांकि, इनमें से बड़ी संख्या में संपत्तियां अतिक्रमण या कानूनी विवादों से प्रभावित हैं। बोर्ड इन संपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और उनसे होने वाली आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

उनके अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में कृषि भूमि से 1 करोड़ 23 लाख रुपये की आय हुई, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 1 करोड़ 62 लाख 69 हजार रुपये की आय प्राप्त होने की जानकारी दी गई। इससे वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया गया।

उम्मीद पोर्टल पर संपत्तियों का पंजीकरण पूरा

डॉ. पटेल ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करने की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी की गई। उन्होंने बताया कि संपत्तियों का पंजीकरण वैधानिक प्रक्रिया के तहत किया गया। इस कार्य के लिए मध्य प्रदेश के अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली और अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों को भी यहां प्रशिक्षण दिया गया।

मुख्यमंत्री ने की थी समान राशि देने की घोषणा

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि 25 मई 2026 को भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में 849 बेटियों की फीस जमा कराने की पहल की गई थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। डॉ. पटेल के अनुसार, मुख्यमंत्री ने वक्फ बोर्ड की पारदर्शी चयन प्रक्रिया की सराहना करते हुए घोषणा की थी कि बोर्ड की ओर से जिन पात्र मेधावी विद्यार्थियों को फीस सहायता दी जाएगी, राज्य सरकार भी उन्हें समान राशि देकर शिक्षा में सहयोग करेगी।

डॉ. पटेल ने कहा कि वक्फ संपत्तियों का उद्देश्य जरूरतमंदों की मदद करना और समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर देना है। बोर्ड इसी भावना के साथ शिक्षा, संपत्ति प्रबंधन और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ा रहा है।

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