नवरात्रि में बढ़ी 50% बिजली की मांग त्योहार के बाद धड़ाम

जबलपुर, यशभारत। दुर्गोत्सव के दौरान शहर में की गई साज-सज्जा से बिजली की मांग में लगभग 50 फीसदी की वृद्धि हुई थी। सबसे अधिक बिजली की खपत पंचमी के दिन दर्ज हुई। हालांकि यह मांग गर्मी के दिनों की सर्वोच्च मांग को पछाड़ नहीं पाई।
यूं तो अक्टूबर में बिजली की मांग अमूमन कम रहती है लेकिन नौ दिनों तक चलने वाले दुर्गोत्सव में यह मांग स्वाभाविक तौर पर बढ़ जाती है। इस बार दुर्गोत्सव के दौरान सजने वाले दुर्गा पंडालों, उनके द्वारा सजाये व रौनक किये मार्गों व देवालयों में की गई सज्जा के कारण बिजली की मांग में लगभग 50 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। विद्युत मंडल के आंकड़ों के अनुसार पंचमी के दिन सर्वाधिक 292 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज हुई, जो सप्तमी को 290 मेगावाट रही। शेष दिनों यह मांग इसी के आसपास ही बनी रही है ।
विजयादशमी के बीतते ही शहर में बिजली की खपत 194 मेगावाट पर उतर आई। हालांकि नवरात्रि में बढ़ी बिजली की खपत गर्मी की ऐतिहासिक मांग को पीछे नहीं छोड़ पाई। रिकॉर्डों के अनुसार 26 मई 2026 को सर्वाधिक 374 मेगावाट की मांग दर्ज की गई थी।
प्रदेश स्तर के आंकड़ों में नजर डालें तो नवमी के दिन (19 अक्टूबर को) 16,994 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज हुई, जो इस सीजन की सर्वाधिक मांग थी। जो कि 21 अक्टूबर को 16,672 मेगावाट पर उतर आई।







