
मध्यप्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र, कफ सिरप से बच्चों की मौत पर कांग्रेस ने घेरा, पूतना रूप धारण कर जताया विरोध
मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है, जो पाँच दिन तक चलेगा। सत्र के पहले दिन ही कांग्रेस ने छिंदवाड़ा में कफ सिरप से मासूम बच्चों की मौत सहित कई गंभीर मुद्दों को लेकर शिवराज सिंह चौहान सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला।
पूतना का वेष धारण कर सदन पहुंची कांग्रेस विधायक
सदन में उस समय एक अनोखा दृश्य देखने को मिला जब एक कांग्रेस विधायक ‘पूतना’ का रूप धारण कर विधानसभा पहुंची।
विधायक के गले में कफ सिरप की माला थी।
अन्य विपक्षी विधायकों के हाथों में सरकार से सवाल करने वाली तख्तियां थीं।
विधानसभा परिसर में कांग्रेस ने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आरोप: बीजेपी सरकार पूतना बनकर मौन है
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कड़े शब्दों में सरकार की आलोचना की।
छिंदवाड़ा कफ सिरप मामला: उन्होंने आरोप लगाया कि मासूम बच्चों की मौत जैसे गंभीर मामले पर सरकार ‘पूतना’ रूप धारण करके मौन है और जिम्मेदारी तय करने से बच रही है। पूतना वेषधारी विधायक का बयान: पूतना रूप धारण की हुई विधायक ने कहा, “मैं बीजेपी सरकार हूं, जो कभी कफ सिरप बनकर तो कभी चूहा बनकर बच्चों को मारती हूं।” इस तरह कांग्रेस ने सरकार पर बच्चों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग और अन्य मुद्दे
उमंग सिंघार ने सरकार पर जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाते हुए सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की। चर्चा न करने का आरोप: उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, बेरोजगारी, ड्रग्स और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहती, इसलिए सत्र को सिर्फ पाँच दिन तक सीमित कर दिया गया है।
उठाए गए मुद्दे: उन्होंने सदन में निम्नलिखित समस्याओं पर चर्चा की मांग की:
किसानों को समर्थन मूल्य न मिलना
बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं के पास नौकरी न होना
खुलेआम ड्रग्स की बिक्री
कानून-व्यवस्था की बदहाली
सत्र से जुड़े अन्य मामले
सत्र के दौरान अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम और बयान:
रायसेन पुल हादसा: PWD मंत्री राकेश सिंह ने जांच का आश्वासन दिया और दोषियों को न बख्शने की बात कही, साथ ही कांग्रेस के आरोपों का पलटवार किया।लाड़ली लक्ष्मी योजना: कमलनाथ ने योजना के 17 साल बाद भी बेटियों की शिक्षा की स्थिति न बदलने पर सवाल उठाए। संसद सत्र: संसद के शीतकालीन सत्र के प्रारंभ होने पर लोकसभा में हंगामा हुआ, जिस पर मायावती ने सदन को सुचारु चलाने और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की बात कही।







