सेना के जवानों को ठगने वाली दिल्ली की ‘रूमाल गैंग’ भोपाल में दबोची, 9 लाख का माल बरामद

सेना के जवानों को ठगने वाली दिल्ली की ‘रूमाल गैंग’ भोपाल में दबोची, 9 लाख का माल बरामद
भोपाल, यशभारत। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों, विशेषकर सेना के जवानों को अपना शिकार बनाने वाली दिल्ली की एक शातिर गैंग का जीआरपी भोपाल ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से वारदात में प्रयुक्त कार और चोरी का सामान बरामद किया है, जिसकी कुल कीमत करीब 9 लाख रुपए आंकी गई है। यह गैंग नकली नोटों की गड्डी दिखाकर लोगों को अपने झांसे में लेती थी।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
ठगी का यह मामला तब सामने आया जब भोपाल के लालघाटी स्थित 3 ईएमई सेंटर में तैनात एक सैन्यकर्मी ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित जवान ने बताया कि भोपाल स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार के दौरान कुछ युवकों ने उन्हें अपनी बातों में उलझाया। इसी बीच उनका मोबाइल चोरी हो गया और कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से एटीएम के जरिए मोटी रकम निकाल ली गई।
सीसीटीवी फुटेज से खुले राज
जीआरपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक सैन्यकर्मी को घेरे हुए नजर आए। पुलिस ने मुखबिर तंत्र की मदद से घेराबंदी की और दिल्ली के बवाना इलाके की जेजे कॉलोनी के रहने वाले 6 बदमाशों को धर दबोचा।
ठगी का रूमाल फार्मूला
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वे कागज की रद्दी को नोटों के आकार में काटकर गड्डी बनाते थे और उसे सफेद रूमाल में लपेट देते थे। भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर वे किसी सीधे-सादे यात्री या जवान को चुनते और उसे यह विश्वास दिलाते कि उन्हें रास्ते में नोटों से भरा रूमाल मिला है। इसी लालच और बातचीत के दौरान गिरोह के अन्य सदस्य बड़ी सफाई से यात्री का मोबाइल और एटीएम पार कर देते थे।
इंदौर में भी की वारदात
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जोगिंदर, दिलशाद, अरशद, सलुमत उर्फ धीरज, मोहम्मद अनवर और अमानतुल्लाह के रूप में हुई है। आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि इंदौर में भी इसी तरह से करीब डेढ़ लाख रुपए की ठगी कर चुके हैं। पुलिस अब इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य शहरों में सक्रिय इनके साथियों की तलाश कर रही है।
इनका कहना है..
यात्री सतर्क रहें: स्टेशन पर किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं। यदि कोई आपको नोटों का लालच दे या संदिग्ध लगे, तो तुरंत जीआरपी या रेलवे पुलिस को सूचना दें।
जहीर खान, भोपाल जीआरपी थाना प्रभारी







