भोपालमध्य प्रदेश

भोपाल स्टेशन पर हड़कंप: भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस की जनरेटर कार में लगी आग

भोपाल स्टेशन पर हड़कंप: भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस की जनरेटर कार में लगी आग

– शॉर्ट सर्किट के कारण हादसा; प्लेटफॉर्म-1 तक पहुंची धुंध, यात्रियों को हुई सांस लेने में तकलीफ
– गनीमत रही कि ट्रेन में सवार नहीं थे यात्री, 10 दिन पहले ही एलएचबी कोच में बदला गया था रैक

भोपाल, यशभारत। राजधानी के मुख्य रेलवे स्टेशन पर सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर खड़ी भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस की जनरेटर कार से अचानक आग की लपटें और काला धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते धुआं इतना घना हो गया कि उसका असर प्लेटफॉर्म नंबर-1 तक जा पहुंचा, जिससे स्टेशन पर मौजूद सैकड़ों यात्रियों को सांस लेने में कठिनाई हुई।

20 मिनट तक अनभिज्ञ रहा स्टाफ
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, जनरेटर कार से धुआं उठने के करीब 15-20 मिनट तक रेलवे स्टाफ को इसकी भनक नहीं लगी। जब धुएं के गुबार ने पूरे स्टेशन परिसर को घेर लिया, तब जाकर अमला हरकत में आया। आनन-फानन में फायर बूस्टर की मदद से आग पर काबू पाया गया। प्रारंभिक जांच में बताया जा रहा है कि ट्रेन को यार्ड से प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करते समय पावर ऑन करते ही शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे तारों ने आग पकड़ ली।

नया रैक, फिर भी सुरक्षा पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि रेलवे ने करीब 10 दिन पहले ही इस ट्रेन के पुराने आईसीएफ कोच हटाकर आधुनिक एलएचबी कोच लगाए थे। एलएचबी कोचों को सुरक्षा के लिहाज से बेहद उन्नत माना जाता है, ऐसे में नई जनरेटर कार में शॉर्ट सर्किट होना तकनीकी लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है।

बड़ा हादसा टला, यात्री सुरक्षित
राहत की बात यह रही कि घटना के समय ट्रेन खाली थी। ट्रेन के रवाना होने का समय शाम 4:50 बजे था, जबकि हादसा दोपहर 3:30 बजे हुआ। यदि ट्रेन यात्रियों से भरी होती, तो भगदड़ जैसी स्थिति बन सकती थी।

इनका कहना है कि
शॉर्ट सर्किट की वजह से जनरेटर कार में धुआं उठा था। इंजीनियरिंग टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाल ली है। क्षतिग्रस्त कोच को हटाकर जांच के लिए रानी कमलापति यार्ड भेजा गया है। वैकल्पिक व्यवस्था कर ट्रेन को सुरक्षित रवाना किया जा रहा है।”
नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल रेल मंडल

इंजन बदला, देरी से हुई रवानगी
हादसे के बाद सुरक्षा कारणों से ट्रेन के इंजन और प्रभावित जनरेटर कार को बदल दिया गया है। पूरी तकनीकी जांच के बाद ही ट्रेन को आगे के सफर के लिए क्लियरेंस दिया गया। इस प्रक्रिया के चलते भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से देरी से रवाना हुई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button