बीएमएचआरसी में सतर्कता पर राष्ट्रीय स्तर का मंथन पारदर्शिता और ईमानदारी को सशक्त बनाने पर जोर
National level brainstorming on vigilance at BMHRC, emphasis on strengthening transparency and integrity

बीएमएचआरसी में सतर्कता पर राष्ट्रीय स्तर का मंथन पारदर्शिता और ईमानदारी को सशक्त बनाने पर जोर
भोपाल यश भारत। राजधानी भोपाल स्थित बीएमएचआरसी में सोमवार, 20 अप्रैल को सतर्कता विषयों पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम आईसीएमआर के तत्वावधान में आयोजित हुआ जिसमें देशभर के आईसीएमआर के 27 संस्थानों से आए सतर्कता अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की । निदेशक डॉ. पी.के. मोहंती ने अपने संबोधन में सतर्कता के विभिन्न आयामों पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण, पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत ईमानदारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की विश्वसनीयता उसकी पारदर्शी कार्यप्रणाली पर निर्भर करती है। उन्होंने प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली, निष्पक्ष जांच प्रक्रिया और निवारक सतर्कता को सुशासन की आधारशिला बताया। कार्यक्रम में आईसीएमआर की वरिष्ठ उपमहानिदेशक मनीषा सक्सेना, उपमहानिदेशक जगदीश राजेश तथा बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने भी अपने विचार साझा किए और संस्थानों में सतर्कता तंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को सतर्कता से जुड़े नियमों, अनुशासनात्मक कार्यवाहियों की प्रक्रिया, ई प्रोक्योरमेंट में पारदर्शिता, शिकायत प्रबंधन प्रणाली और सतर्कता जागरूकता से संबंधित सर्वोत्तम प्रथाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थागत स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी की संस्कृति को सुदृढ़ करना तथा सतर्कता अधिकारियों की कार्यक्षमता को और अधिक प्रभावी बनाना रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि मजबूत सतर्कता तंत्र के माध्यम से ही संस्थानों में सुशासन और विश्वास कायम रखा जा सकता है।







