रायसेन का सफल ‘मॉडल’ अब जबलपुर में: खबर जाने विस्तार से

जबलपुर | जबलपुर में नए कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभालने के बाद अरुण कुमार विश्वकर्मा ने अपनी कार्यशैली से प्रशासनिक हलकों में तेजी और सक्रियता का संदेश देना शुरू कर दिया है। रायसेन जिले में अपनी कार्यकुशलता और सीएम हेल्पलाइन के उत्कृष्ट निराकरण के लिए पहचान बनाने वाले कलेक्टर विश्वकर्मा ने अब उसी सफल ‘मॉडल’ को जबलपुर में भी लागू कर दिया है। हाल ही में उन्होंने राजस्व अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक में 50 दिन से अधिक लंबित शिकायतों के निराकरण के लिए 10 दिनों का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
रायसेन की तर्ज पर जबलपुर में प्रशासनिक कसावट
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने कार्यभार संभालने के बाद अपनी पहली ही बैठकों में यह स्पष्ट कर दिया था कि जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब उनकी कार्यप्रणाली में वह संकल्प जमीन पर उतरता हुआ नजर आ रहा है।
रायसेन जिले की तरह ही जबलपुर में भी उन्होंने मॉनिटरिंग का एक मजबूत और जवाबदेह सिस्टम तैयार किया है। इसके तहत:
दोहरी समीक्षा प्रणाली: सुबह कलेक्ट्रेट में एडीएम स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भौतिक रूप से (फिजिकल) बैठक में मौजूद रहते हैं, जबकि जिले के सभी अनुमंडलों (सब-डिवीजन) में तैनात एसडीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन जुड़ते हैं।
शाम को दोबारा समीक्षा: दिनभर के कार्यों की प्रगति जानने के लिए शाम को एक बार फिर समीक्षा बैठक की जाती है, जिससे पेंडेंसी पर कड़ी नजर रखी जा सके।
इसी कार्यप्रणाली के दम पर उन्होंने रायसेन में सीएम हेल्पलाइन के निपटारे में बेहतरीन परिणाम दिए थे, और अब जबलपुर में भी इसी रूटीन के जरिए शिकायतों के त्वरित निराकरण की उम्मीद जगी है।
स्वामित्व योजना: प्रत्येक तहसील में एक दिन में 500 रजिस्ट्री का लक्ष्य
बैठक के दौरान कलेक्टर विश्वकर्मा ने स्वामित्व योजना के तहत संपत्तियों की रजिस्ट्री की प्रगति की भी कड़े शब्दों में समीक्षा की। उन्होंने सभी एसडीएम से तहसीलवार अब तक के कार्यों का लेखा-जोखा लिया।
योजना की रफ्तार को गति देने के लिए उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक तहसील में एक दिन के भीतर 500 रजिस्ट्री पूरी करने का कड़ा लक्ष्य दिया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य को अधिकारी एक चुनौती के रूप में स्वीकार करें। साथ ही, दस्तावेजों के सबमिट करने की प्रक्रिया को तेज करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर कार्य में पारदर्शिता व तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
नए कलेक्टर के इस सख्त और एक्शन-ओरिएंटेड रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक अमले की जवाबदेही तय होने वाली है, जिससे आम जनता को शासकीय योजनाओं और शिकायतों के समाधान में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।







