मध्यप्रदेश बनेगा रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग का ग्लोबल हब – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश बनेगा रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग का ग्लोबल हब – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
– बीना, नागदा, विजयपुर और पीएम मित्र पार्क में निवेश की अपार संभावनाएं, उद्योगपतियों को जीआईएस-2027 में आने का न्योता
भोपाल, यश भारत । मध्यप्रदेश को रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पेट्रोकेमिकल्स, उर्वरक, विशिष्ट रसायन और फार्मा निर्माण के क्षेत्र में प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार निवेशकों को सरल प्रक्रियाएं, पारदर्शी व्यवस्था और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मुंबई के बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय इंडिया केम-2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने देश-विदेश की कंपनियों और निवेशकों को जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत रसायन उद्योग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2040 तक इस क्षेत्र का कारोबार एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बीना बनेगा पेट्रोकेमिकल उद्योग का केंद्र
डॉ. यादव ने बताया कि सागर जिले के बीना में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल परियोजना प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देगी। बीना रिफाइनरी के विस्तार और एथिलीन क्रैकर परियोजना से प्लास्टिक, पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल और फार्मा उद्योगों को कच्चा माल मिलेगा। इससे स्थानीय उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
उन्होंने बताया कि रायसेन जिले के तामोट में 121 एकड़ तथा ग्वालियर के बिलौआ में 93 एकड़ में प्लास्टिक पार्क विकसित किए गए हैं। धार स्थित पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, विजयपुर का गैस प्रसंस्करण ढांचा और नागदा का औद्योगिक परिसर भी निवेश की संभावनाओं को मजबूत करते हैं। सीहोर जिले के आष्टा में गेल इंडिया की पेट्रोकेमिकल परियोजना को भी महत्वपूर्ण बताया।
निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा
मुख्यमंत्री ने वस्त्र, उच्च शिक्षा, उर्वरक और फार्मा क्षेत्र के उद्योगपतियों से अलग-अलग बैठकें कर निवेश प्रस्तावों पर चर्चा की। भीलोस इंडस्ट्रीज की वस्त्र परियोजनाओं में लगभग 7500 करोड़ रुपये के निवेश और 3750 रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं। देवास के निकट एआई एवं कंप्यूटर साइंस केंद्रित विश्वविद्यालय परिसर की योजना पर भी विचार हुआ। मध्य भारत फॉस्फेट की मेघनगर में लगभग 350 करोड़ रुपये की उर्वरक परियोजना तथा पूर्वी मध्यप्रदेश में 700 करोड़ रुपये की संभावित इकाई पर चर्चा की गई। वहीं, ल्यूपिन ने प्रदेश में लगभग 350 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की संभावनाएं रखीं।
केंद्र सरकार देगी रसायन पार्कों को सहायता
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र की नीतियों को धरातल पर उतारने में राज्य सरकारों की अहम भूमिका है। उन्होंने बताया कि भव्य रसायन पार्क योजना के तहत प्रत्येक पार्क के लिए केंद्र सरकार एक हजार करोड़ रुपये की सहायता देगी। उन्नत रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योगों में शोध और विकास को प्रोत्साहित करने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के फंड का भी प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त बिजली, जल, औद्योगिक भूमि, सड़क नेटवर्क और प्रशिक्षित श्रमशक्ति उपलब्ध है। इंडिया केम-2026 में मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों और निवेश अवसरों पर आधारित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया।







