बुंदेलखंड और महाकौशल से गुजरेगा नया कॉरिडोर, सिर्फ 7 घंटे में पूरा होगा भोपाल से रायपुर का सफर

सागर, यशभारत l मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देने के लिए 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। लगभग ₹15,000 करोड़ की लागत से बनने वाले इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के चालू होने के बाद भोपाल से रायपुर का सफर महज 6 से 7 घंटे में पूरा हो सकेगा। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 13 से 14 घंटे का समय लगता है।
120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन
इस एक्सप्रेसवे को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के अनुसार तैयार किया जा रहा है। एक्सेस-कंट्रोल्ड (नियंत्रित प्रवेश/निकास) होने के कारण चालकों को ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की भारी बचत होगी।
दो चरणों में तैयार होगा रूट
परियोजना को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए इसे दो मुख्य भागों में बांटा गया है:
पहला चरण: भोपाल से जबलपुर के बीच एक नया और सीधा ‘ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे’ बनाया जाएगा। इससे भोपाल से जबलपुर की दूरी घटकर 255 किमी रह जाएगी और सफर 3 घंटे में पूरा होगा।
दूसरा चरण: जबलपुर से मंडला होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा तक मौजूदा मार्ग का 6-लेन में चौड़ीकरण और अपग्रेडेशन किया जाएगा।
बुंदेलखंड और महाकौशल को सीधा लाभ
यह नया कॉरिडोर मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों—भोपाल, सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला—से होते हुए छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करेगा और रायपुर से जुड़ेगा। इससे प्रदेश के बुंदेलखंड और महाकौशल अंचलों का सीधा संपर्क दोनों राज्यों की राजधानियों से हो जाएगा।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
एक्सप्रेसवे के बनने से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच लॉजिस्टिक्स और अंतरराज्यीय व्यापार में तेजी आएगी। इसके अलावा अमरकंटक, कान्हा और बांधवगढ़ नेशनल पार्क तथा भेड़ाघाट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी यह कॉरिडोर बेहद कारगर साबित होगा।







