कटनी

ढाई हजार कर्मचारी घर-घर जाकर करेंगे जनगणना 1 मई से शुरू होने जा रहा पहला चरण, 31 मई तक मकानों का सूचीकरण, 10 अप्रैल के बाद कर्मचारियों को मिलेगी ट्रेनिंग, 16 से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे लोग

कटनी, यशभारत। 15 साल बाद होने जा रही जनगणना को लेकर कटनी जिले में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई है। ट्रेनरों को प्रशिक्षत किया जा चुका है और 10 अपै्रल के बाद गणना सुपरवाइजरों को भी ट्रेनिंग दिए जाने का काम शुरू किया जा रहा है। इस काम के लिए जिले में 2500 से ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनको प्रशिक्षण के दौरान जनगणना की बारीकियां समझाई जाएंगी। प्रशिक्षित होने के बाद गणना सुपरवाइजर घर-घर जाकर जानकारियां जुटाएंगे।
जानकारी के मुताबिक प्रथम चरण की गणना 1 मई से शुरू होने जा रही है। 31 मई तक मकानों की गणना और मकान का सूचीकरण किया जाएगा। गणना सुपरवाइजर घर-घर जाएंगे। इस बार स्वगणना का भी प्रावधान किया गया है। जो लोग स्वयं अपनी जानकारी भरना चाहते हैं, वे 16-30 अप्रैल तक ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे। इसके लिए जनगणना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर से रजिस्टर करते हुए अपनी भाषा में 33 प्रश्नों का उत्तर देकर 15 मिनट में घर बैठे डेटा भर सकेंगे।
इन 33 सवालों का देना होगा जवाब
प्रगणक सबसे पहले भवन नंबर और जनगणना मकान नंबर पूछेगा। सामान्य तौर पर यह नंबर प्रगणक स्वयं डाल देगा। इसके बाद मकान के फर्श में प्रयुक्त सामग्री, दीवार में प्रयुक्त सामग्री, छत में प्रयुक्त सामग्री की जानकारी ली जाएगी। अगला सवाल मकान के उपयोग और मकान की हालत से संबंधित होगा। इसके बाद परिवार क्रमांक संबंधी प्रश्न होगा, जो एप में स्वत: अपडेट हो जाएगा। इसके बाद परिवार में रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या पूछी जाएगी। परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के मुखिया का लिंग, क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य से संबंधित है के जवाब लिए जाएंगे।
दो चरणों में होगी जनगणना
बताया जाता है कि जनगणना दो चरणों में होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और आवास गणना की जाएगी। इस चरण में प्रत्येक आवास में प्रगणक पहुंचेंगे और 33 सवाल करेंगे। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में न तो किसी प्रकार का दस्तावेज मांगा जाएगा और न ही किसी तरह का दस्तावेज दिखाने की बात कही जाएगी। अगर कोई प्रगणक ऐसा करता है तो उसकी शिकायत तहसीलदार और एसडीएम से तत्काल करें। जनगणना के दौरान किसी प्रकार की ओटीपी भी नहीं आएगी, न मांगी जाएगी। प्रगणक द्वारा 33 सवालों के बाद मोबाइल नंबर मांगा जाएगा लेकिन यह वैकल्पिक होगा। आप चाहे तो नंबर बता सकते हैं अथवा नहीं, अगर नंबर बता देंगे तो जनगणना से संबंधित जानकारियां आपको मैसेज में मिलती रहेंगी।
अंतिम सवाल के बाद पूछा जाएगा मोबाइल नंबर
अगले सवालों में मकान के स्वामित्व की स्थिति, रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या, परिवार में रहने वाले विवाहित दंपतियों की संख्या (अगर लिव इन में रह रहे हैं तो उसे भी एक दंपति माना जाएगा) पेयजल का मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की सुलभता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नानगृह की उपलब्धता संबंधी सवाल होंगे। रसोईघर सहित एलपीजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना पकाने के लिए प्रयुक्त प्रमुख ईधन, रेडियो ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट की सुविधाएं, लैपटॉप कम्प्यूटर, टेलीफोन मोबाइल या स्मार्ट फोन उपलब्धता संबंधी जवाब लिए जाएंगे। साइकिल, स्कूल, मोटरसाइकिल, मोपेड से चलते हैं या कार, जीप, वैन का उपयोग किया जाता है, संबंधी सवाल होंगे। परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाला मुख्य आनाज की जानकारी ली जाएगी। अंतिम सवाल मोबाइल नंबर पूछा जाएगा।
एक बार ही गिना जाएगा मकान
अलग-थलग बने भवनों व परिवारों में सुनिश्चित किया जाएगा कि उनका मुख्य बस्ती में कोई निवास नहीं है और उनकी गणना केवल एक बार की जाएगी। यदि उनके पास दोनों स्थानों पर निवास है, तो उनकी गणना वहां की जाएगी जहां वे वर्ष की अधिकांश अवधि के दौरान सामान्य रूप से रहते हैं।
इनका कहना है
जनगणना का पहला चरण आगामी एक मई से शुरू हो रहा है। इसके लिए गणना सुपरवाईजरों को प्रशिक्षत किया जाएगा। जिले में करीब ढाई हजार कर्मचारियों की ड्यूटी इस कार्य के लिए लगाई जा रही है। इसमे शिक्षक शामिल है और आवश्यकता पडऩे पर ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और रोजगार सहायकों को भी दायित्व दिया जा सकता है।
-विंकी सिंहमारे
डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी जनगणना

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