सहेली ने नौकरी का झांसा देकर बुलाया, शराब पिलाकर दो दोस्तों से कराया गैंगरेप

सहेली ने नौकरी का झांसा देकर बुलाया, शराब पिलाकर दो दोस्तों से कराया गैंगरेप
पुलिस ने दो युवतियों समेत चार आरोपियों को लिया हिरासत में, पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
भोपाल, यशभारत। राजधानी के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता को उसकी सहेली ने अच्छी नौकरी और कॉलेज में दाखिले का झांसा देकर छिंदवाड़ा से भोपाल बुलाया था। आरोप है कि फ्लैट पर सहेली और उसकी रूममेट ने दो युवकों के साथ मिलकर नाबालिग को नीट शराब पिलाई और फिर आरोपियों ने उसके साथ दरिंदगी की। विरोध करने पर पीड़िता के साथ मारपीट भी की गई।
नौकरी के बहाने बुना साजिश का जाल
पुलिस के अनुसार, पीड़िता 12वीं पास करने के बाद आगे की पढ़ाई और काम की तलाश में थी। इसी दौरान उसकी पहचान छिंदवाड़ा निवासी मोनिका इंदौरिया (23) से हुई। मोनिका भोपाल के विद्या नगर में अपनी सहेली रेणुका बुनकर (26) के साथ किराए पर रहती थी। 18 मार्च को मोनिका ने पीड़िता को भोपाल बुलाया। जब पीड़िता नहाने गई, तब मोनिका ने अपने परिचित निखिल सिंह और अतुल मेड़ेकर को फ्लैट पर बुला लिया।
शराब पिलाकर रात भर किया शोषण
एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने नाबालिग को जबरन बीयर और फिर बिना पानी मिलाई (नीट) शराब पिलाई। नशे के कारण पीड़िता बेसुध हो गई, जिसका फायदा उठाकर निखिल और अतुल ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि विरोध करने पर उसे धमकाया गया और पीटा गया। अगली सुबह होश आने पर वह चुपचाप वहां से निकलकर अपने घर छिंदवाड़ा लौट गई।
तबीयत बिगड़ने पर खुला राज
घर पहुंचने के बाद पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसने अपनी मां को आपबीती सुनाई। 27 मार्च को पीड़िता मां के साथ भोपाल पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गोविंदपुरा थाने से महिला एसआई रूपा मिश्रा को बुलाकर पीड़िता के बयान दर्ज किए और आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट व बंधक बनाकर दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज किया।
चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
डीसीपी विवेक सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। मोनिका इंदौरिया और रेणुका बुनकर को हिरासत में लेने के बाद उनकी निशानदेही पर आरोपी निखिल सिंह (32) और अतुल मेड़ेकर (30) को भी दबोच लिया गया है। पुलिस आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है।
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सुरक्षा पर सवाल
पीड़िता जब थाने पहुंची तो वहां महिला अधिकारी मौजूद नहीं थी, जिसके बाद दूसरे थाने से अधिकारी को बुलाना पड़ा। यह घटना शहर में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की आपातकालीन व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े करती है।







