सतना। नागौद थाना क्षेत्र के ग्राम अटरा में हुए बहुचर्चित हत्या कांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। घटना के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को नागौद पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे उप जेल नागौद भेज दिया गया है।
पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रीवा जोन के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक सतना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नागौद के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक पाण्डेय के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
घटना का विवरण
दिनांक 26 दिसंबर 2025 की रात ग्राम अटरा में पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया था। फरियादी प्रहलाद सिंह के अनुसार, उनके चाचा द्वारिका प्रसाद पटेल सहित अन्य लोग आग ताप रहे थे, तभी पंकज सिंह वहां पहुंचा और गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद पंकज ने अपने भाइयों व साथियों को बुला लिया, जिन्होंने लाठी, रॉड, हथौड़ा और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
हमले में द्वारिका प्रसाद पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल सतना ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
घटना के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी प्रागेन्द्र सिंह उर्फ पंकज सिंह को पुलिस ने 12 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी से घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन की चाबी और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इसके बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर उप जेल नागौद भेज दिया गया।
पूर्व में गिरफ्तार आरोपी
इस मामले में पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिनमें खुशीराम सिंह, कुशमेन्द्र उर्फ मुडिया सिंह, लवकुश उर्फ हरिया सिंह, अनिल सिंह, कुन्जीलाल सिंह, रामदुलारे सिंह और संदीप सिंह शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार मामले में दो आरोपी अंकित सिंह और अमित सिंह अभी फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार की जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक पाण्डेय, उप निरीक्षक आर.पी. वर्मा, प्रधान आरक्षक आर.के. कुशवाहा, राजेन्द्र पाण्डेय एवं आरक्षक ओम प्रकाश की विशेष भूमिका रही।
पुलिस का कहना है कि शेष फरार आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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