निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, अब हाईकोर्ट ही बेल का सहारा, एसआईटी ने कसा शिकंजा

कटनी, यशभारत। हत्या के मामले में राहत देने के बदले जमीन के सौदे में घिरीं निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया को जिला अदालत से बड़ा झटका लगा है। जिला एवं सत्र न्यायालय कटनी के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आज शनिवार को सुनवाई करते हुए निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि अब जमानत के लिए उन्हें हाईकोर्ट की ओर रुख करना पड़े।
सूत्र बताते हैं कि अदालत में दो दिनों तक चली गहन सुनवाई और शनिवार को करीब 5 घंटे तक दोनों पक्षों के वकीलों के बीच चली तीखी बहस के बाद जज ने बचाव पक्ष की दलीलों को अमान्य करते हुए यह सख्त आदेश सुनाया। एडीजे कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब गिरफ्तारी से बचने के लिए निलंबित सीएसपी और उनके सहयोगियों के पास मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की शरण में जाना ही कानूनी सहारा बचा है। अदालत ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद केस स्टेटस में ऑर्डर पास्ड रिजेक्टेड दर्ज करते हुए जमानत आवेदन को खारिज कर दिया। सूत्रों के अनुसार बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने अंतरिम राहत की मांग की, लेकिन अभियोजन पक्ष और एसआईटी द्वारा प्रस्तुत मजबूत साक्ष्यों, बैंक ट्रांजेक्शनों और संगीन आरोपों के मद्देनजर अदालत ने याचिका निरस्त कर दी।
तीनों फरार आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम घोषित
एक तरफ कोर्ट में जमानत पर अंतिम बहस चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ पुलिस महकमे ने शिकंजा और कड़ा कर दिया है। कुठला थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी पर पुलिस विभाग ने 10-10 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित कर दिया है। कानूनी जानकारों के मुताबिक, जिला अदालत से झटका लगने और इनाम घोषित होने के बाद बचाव पक्ष अब जल्द से जल्द हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी में है। हालांकि, जब तक हाईकोर्ट से कोई अंतरिम राहत नहीं मिलती, तब तक पुलिस के पास उन्हें गिरफ्तार करने का पूरा कानूनी अधिकार है। इस बीच जबलपुर एएसपी अंजना तिवारी के नेतृत्व में गठित 8 सदस्यीय एसआईटी दर्ज बयानों, बैंक ट्रांजेक्शनों और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर आरोपियों की घेराबंदी कर रही है। कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब एसआईटी जल्द ही सीज पड़े सीएसपी कार्यालय का ताला खोलकर महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त कर सकती है। उधर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित होने और अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद साइबर सेल व पुलिस की विशेष टीमें फरार मैडम और उनके करीबियों के संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।








