6 प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ 26.50 लाख रुपये की फीस गबन मामले में आर्थिक अपराध दर्ज
प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत छात्रों को निःशुल्क प्रवेश देने का प्रावधान

जबलपुर,यशभारत। जिले के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने गरीबी रेखा के नीचे और कमजोर वर्ग के छात्रों की फीस की राशि में अनियमितता और धोखाधड़ी के आरोप में 6 प्राइवेट स्कूलों के मालिकों और नोडल अधिकारियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। शिकायतकर्ता विजयकांति पटेल ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत छात्रों को निःशुल्क प्रवेश देने का प्रावधान है। जांच में पाया गया कि इन 6 स्कूलों ने फर्जी एडमिशन दिखाकर 26.50 लाख रुपये की फीस प्रतिपूर्ति राशि अवैध रूप से हड़प ली।

जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2011 से 2016 तक जिला शिक्षा केंद्र के नोडल अधिकारियों ने वास्तविक सत्यापन नहीं किया और कुछ स्कूल संचालकों के साथ षड्यंत्र करके अपने पद का दुरुपयोग किया। अपराध क्रमांक 12026 के तहत स्कूल संचालक और नोडल अधिकारियों पर धारा 409, 420, 120बी भारतीय दंड विधान और धारा 7(सी), भ्र.नि.अ. 1988 संशोधित 2018 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
आरोपियों में शामिल हैं:
स्मिता चिल्ड्रन एकेडमी – संचालक मनीष असाटी, नोडल अधिकारी चंदा कोष्टा
आदर्श ज्ञान सागर – संचालक नसरीन बेगम, नोडल अधिकारी गुलनिगार खानम
गुरु पब्लिक स्कूल – संचालक मो. तौसीफ, नोडल अधिकारी अख्तर बेगम अंसारी
उस्मानिया मिडिल स्कूल – संचालक मो. शमीम, नोडल अधिकारी राजेन्द्र बुधेलिया
सेन्ट अब्राहम स्कूल – संचालक मोहम्मद शफीक, नोडल अधिकारी डी.के. मेहरा
जिला शिक्षा विभाग ने कहा कि मामले की गहन जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







