स्वदेशी ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ का आधार: किशन सूर्यवंशी

स्वदेशी ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ का आधार: किशन सूर्यवंशी
नगर निगम अध्यक्ष ने मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय में स्वदेशी मेले का किया उद्घाटन
मिट्टी से शिवलिंग बनाकर दिया ‘मेक इन इंडिया’ का संदेश
भोपाल, यशभारत। नगर निगम भोपाल के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने स्वदेशी के विचार को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की नींव बताया है। उन्होंने यह बात मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले के भव्य उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते हुए कही।
सशक्त अर्थव्यवस्था का आधार स्वदेशी
अपने संबोधन में सूर्यवंशी ने कहा कि जब भारत ‘सोने की चिड़िया’ कहलाता था, तब हम वस्तु विनिमय की परंपरा का पालन करते थे और विदेशी वस्तुओं पर हमारी निर्भरता नहीं थी, जिसके कारण भारतीय अर्थव्यवस्था सशक्त थी। उन्होंने स्वदेशी को वापस अपनाने पर ज़ोर देते हुए कहा, “स्वदेशी का विचार ही आत्मनिर्भर भारत का मुख्य आधार है।”
विदेशी सामग्री पर चिंता
उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के स्वदेशी आंदोलन को देश भर में मिली गति पर भी प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने भारतीय त्योहारों पर विदेशी सामग्री के अंधाधुंध इस्तेमाल को देश के लिए घातक बताया और लोगों से भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की।
मेले में बनाया शिवलिंग
नगर निगम अध्यक्ष ने मेले के विभिन्न भारतीय उत्पादों के विक्रय केंद्रों का भी भ्रमण किया, जहाँ स्वदेशी सामग्री खरीदने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इस दौरान, सूर्यवंशी ने एक मिट्टी से सामग्री निर्माण की दुकान पर स्वयं अपने हाथों से शिवलिंग का निर्माण कर ‘मेक इन इंडिया’ और पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण संदेश दिया।







