सिटी मिशन मैनेजर और सामुदायिक संगठकों की नौकरी पर लगा ब्रेक, आयुक्त नगरीय सेवाएं ने जारी किया आदेश

कटनी, यशभारत। डे-एनयूएलएम (दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन) के तहत शहरी विकास अभिकरण या नगर निगम और नगर पंचायतों में कार्यरत सिटी मिशन मैनेजर और सामुदायिक संगठकों की नौकरी पर ब्रेक लग गया है, क्योंकि मिशन ही 2024 में समाप्त हो चुका है। ऐसे में बीते दो साल से इनके वेतन का बिना जरूरत भार उठाने का विरोध होने के बाद नौकरी पर रखने और वेतन भुगतान को नगरीय निकायों की मर्जी पर छोड़ दिया गया है।
दरअसल, केंद्र के डे-एनयूएलएम के तहत संविदा आधार पर 2022 में 65 हजार रुपए मासिक पर 120 सिटी मिशन मैनेजरों और 15 हजार रुपए मासिक पर 300 सामुदायिक संगठकों की नियुक्ति की गई थी। 30 सितंबर 2024 को मिशन समाप्त हो गया, तब से बिना काम और बिना जरूरत वेतन का भार नगरीय निकाय उठा रहे हैं। इसी का विरोध हो रहा है, क्योंकि नगरीय निकायों के अपने मूल कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ रहे हैं। आलम यह है कि चार से पांच महीने लटकाने के बाद कर्मचारियों को वेतन मिल पाता है।
विरोध के बाद आदेश जारी
संचालनालय ने 13 जनवरी 2025 को निर्देश दिए थे कि निकाय निधि से वेतन दें। मूल कर्मचारियों ने बिना काम वेतन का विरोध किया, तो आयुक्त, नगरीय प्रशासन ने फिर से निकायों पर वेतन भार डाल दिया है। उधर कर्मचारी संगठन का क्षण है कि निकायों के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा, फिर भी खत्म हो चुके मिशन के नाम पर वीआईपी की पत्नियों और रिश्तेदारों को बिना काम वेतन दे रहें हैं। विरोध में आंदोलन करेंगे। –








