जबलपुरदेशभोपालमध्य प्रदेशराज्य

मुरुम के साथ लेटराइट खदानों की भी हो जांच  लेटराइट खदानों से जमकर निकल रहा है आयरन ओर

 

 

जबलपुर यशपाल। मुरम के नाम पर लेटराइट निकालने की जानकारी सामने आने के बाद जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा जिले की सभी स्वीकृत मुरुम खदानों की जांच के आदेश दिए थे। जिसके बाद जांच दल द्वारा सभी मुरुम खदानों के सैंपल लिए गए और उन्हें खनिज विभाग की क्षेत्रीय कार्यालय में जांच के लिए भेजा गया है। वहीं दूसरी तरफ लेटराइट की खदानों से भी आयरन ओर निकाला जा रहा है। जिसे दूसरी खदानों की रॉयल्टी पर यहां वहां बेचा जा रहा है। यदि मुरुम की तरह इन खदानों की भी जांच हो जाए तो खनिज की चोरी भी रुकेगी और सरकार को करोड़ों का राजस्व भी प्राप्त होगा।

 

आयरन ओर के क्षेत्र में लेटराइट की खदान है

 

खदानों का आवंटन और निर्धारण भूगर्भीय रिपोर्ट के आधार पर किया जाता है, लेकिन वास्तविकता खुदाई की बाद पता चलती है और सिहोरा- गांधीग्राम क्षेत्र में ऐसी बहुत सी लेटराइट की खदाने हैं जिनमें आयरन निकल रहा है वहीं दूसरी तरफ कुछ खदाने ऐसी भी है जहां पर लेटराइट या मुरुम ही निकल रही है । ऐसे में मुरूम खदानों के साथ-साथ लेटराइट की खदानों की यदि जांच होती है तो वास्तविकता सामने आ जाएगी। इसके साथ ही जो हेरा फेरी चल रही है उस पर भी लगाम लगेगी। जिले में लगभग 12 ऐसी खदान है जो लेटराइट के लिए आवंटित की गई है वही लगभग 35 खदानों से आयरन ओर निकाला जा रहा है और यह सभी खदान सिहोरा क्षेत्र में है।

 

 

 

कई गुना हो गई है खुदाई

 

यश भारत को मिली जानकारी के अनुसार ऐसी बहुत सी खदानें हैं जिन्होंने अपनी अनुमति से ज्यादा जमीन पर खुदाई कर ली है। कहीं-कहीं तो कई गुना अधिक जमीन खोद डाली गई है। कुछ खनन माफियाओं द्वारा अपनी हद से तीन गुना और चार गुना तक जमीन खोद दी गई है।

इसका कारण यह है कि खनन कार्य को लेकर पहले से निर्धारित नहीं होता है की जमीन के किस हिस्से में क्या निकलेगा और जब खुदाई शुरू होती है तो फिर माइनिंग करता जिस हिस्से में खनिज तत्व होते हैं उस हिस्से में नियमों को ताक पर रखकर खुदाई करते जाते हैं, जबकि वह जमीन उनकी लीज का हिंसा नहीं होती हैं जिसको लेकर आने वाले समय में बड़े खुलासे होंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button