
नई दिल्ली,यश भारत । संसद के मानसून सत्र का पहला दिन विपक्ष के जोरदार हंगामे की भेंट चढ़ गया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित होने के कारण दोनों सदनों को कुल छह बार स्थगित करना पड़ा। विपक्षी दलों ने नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर सरकार से चर्चा की मांग की। इस दौरान कई सांसद पोस्टर और बैनर लेकर सदन में पहुंचे।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। वहीं, हंगामे के बीच कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने संबंधी संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया।
सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए सभी दलों से सकारात्मक और सार्थक चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि “मानसून हो या मानसून सत्र, दोनों यदि प्रो-एक्टिव हों तो देश के लिए प्रोडक्टिव साबित होते हैं।” प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति, ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन और वैश्विक चुनौतियों के बीच देश की मजबूती का भी उल्लेख किया। विपक्ष ने संकेत दिया है कि वह पूरे सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरता रहेगा।







