मध्य प्रदेशराज्य

कुल्हाड़ी से काटकर महिला को उतार दिया मौत के घाट : आरोपी ने अपनी पत्नी को घर में छुपाने का लगाया था आरोप… पढ़े पूरा सच बेहिचक               

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 मंडला, यशभारत । माननीय न्यायालय चतुर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जिला मण्डला द्वारा आरोपी चंदर सिंह तेकाम पिता स्व0 बंजारी तेकाम उम्र 47 वर्ष निवासी ग्राम पटपरामाल थाना मण्डला जिला मण्डला को दोषी पाते हुये भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) बी.एन.एस. में आजीवन कारावास, और कुल 1000 रूपये के जुमाने से दण्डित किया गया।

 प्रकरण के संबंध में मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन द्वारा बताया गया कि फरियादी समलू सिंह मरावी ने रिपोर्ट दर्ज करायी कि उसके पडोस का रहने वाला चंदर सिंह तेकाम उसके घर पर आया और उसकी पत्नी पहलवती मरावी को कहने लगा कि तुम मेरी पत्नी को अपने घर में लुका कर रखती हो और मछली बनाकर दिवाल में चिपका देती हो तब उसकी पत्नी पहलवती बोली की हमारे घर के अंदर आकर देख लो, तुम्हारी पत्नी हमारे घर पर नही है। इसी बात पर चंदर सिंह तेकाम फरियादी की पत्नी से लड़ाई-झगड़ा करने लगा और उसे दो बार लाठी से मारपीट की ।तब उसने झगड़ा छुड़वाकर चंदरसिंह को उसके घर भेज दिया था और इसके बाद वह 10:00 बजे करीब मंडला मार्केट चला गया था तथा घर में उसकी पत्नी पहलवती अकेली थी। जब वह मंडला से लौट रहा था और आमानाला पहुंचा था तभी उसकी पत्नी पहलवती ने उसके घर के पीछे रहने वाली रेवती मरावी के फोन से कॉल कर उसे बताया कि जल्दी घर आ जाओ चंदर सिंह उसे जान से मारने के लिए कुल्हाड़ी लेकर बार-बार घर आ रहा है तब उसने अपनी पत्नी से बोला कि घर के बाहर निकल जा मैं आ रहा हूँ। इसके बाद वह अपनी मां व रिश्तेदार राकेश तेकाम के साथ घर आकर देखा तो सामने का दरवाजा खुला हुआ था और उसकी पत्नी पहलवती मरावी छपरी में चित अवस्था में पड़ी थी जिसके माथे पर कुल्हाड़ी से काटने का घाव था तथा उसके चेहरे व जमीन पर खून लगा था, जिसके बाद उसने अपने रिश्तेदारों को सूचना दिया था। उसकी पत्नी पहलवती मरावी की हत्याा चंदरसिंह तेकाम ने कुल्हाड़ी से मारकर कर दिया है। फरियादी की रिपोर्ट पर अभियुक्त चंदर सिंह तेकाम के विरूद्ध सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। 

थाना मण्डला द्वारा अभियुक्त चंदर सिंह तेकाम के विरूद्ध हत्या का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना के दौरान अभियुक्त के विरूद्ध साक्ष्य एकत्र कर अभियोग पत्र माननीय न्यांयालय में प्रस्तुत किया गया एवं विवेचना के दौरान प्रकरण को चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी मंप रखा गया।  

माननीय न्यायालय के द्वारा प्रकरण में अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्को से सहमत होते हुये माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त चंदर सिंह तेकाम को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में आजीवन कारावास और कुल 1000 रूपये के जुर्माने से दण्डित किया गया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी विजय कुमार अहिरवार द्वारा पैरवी की गयी।

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