सिवनी यश भारत:-सिवनी जिले में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों ने प्रशासन और आमजन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। बीते तीन वर्षों में जिले में 3500 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 979 लोगों की जान चली गई, जबकि 4410 लोग घायल हुए हैं। आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि सड़क सुरक्षा को लेकर अब भी लापरवाही बरती जा रही है।
पुलिस के अनुसार, अधिकतर सड़क हादसे यातायात नियमों की अनदेखी के कारण हुए हैं। तेज रफ्तार वाहन चलाना, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना तथा शराब के नशे में वाहन चलाना हादसों की प्रमुख वजह बन रहे हैं। वर्ष 2023 में जिले में 1145 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 277 लोगों की मौत और 1311 लोग घायल हुए। वहीं 2024 में 1242 हादसों में 336 लोगों की जान गई और 1588 लोग घायल हुए। वर्ष 2025 में अब तक 1238 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 366 लोगों की मौत और 1511 लोग घायल हुए हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 20 प्रतिशत से अधिक दुर्घटनाएं शराब के नशे में वाहन चलाने के कारण हुईं। कई मामलों में चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और बैरियर तोड़ते हुए गड्ढ़ों में जा गिरा। इसके अलावा, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग की कमी भी हादसों का कारण बन रही है। जिले के कई इलाकों में न तो पैदल पार पथ बने हैं और न ही पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था है, जिससे रात के समय दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
जिले में लगभग हर दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। हाल ही में 24 जनवरी को छपारा थाना क्षेत्र में ट्रक की टक्कर से बाइक सवार वनरक्षक सतीश यादव की मौत हो गई। वहीं 26 जानकारी को बरघाट के जेवनारा में बस और बाइक की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत और एक गंभीर रूप से घायल हुआ। इसके अलावा बंडोल थाना क्षेत्र के अलोनिया के पास नेशनल हाईवे पर हुए हादसे में दो युवकों की जान चली गई।
सड़क हादसों को देखते हुए जिले में पांच ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें लखनादौन थाना क्षेत्र का मिडवे ट्रीट, कारीरात, सादक सिवनी, गोरखपुर टेक और रणधीरनगर शामिल हैं। इन स्थानों पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
सिवनी पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने बताया कि अधिकांश सड़क हादसों की मुख्य वजह तेज रफ्तार है। पुलिस द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि लोग यातायात नियमों का पालन करें और संयमित गति से वाहन चलाएं, तो न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान भी सुरक्षित रखी जा सकती है।