ऑनलाइन एप से हो रही गिद्धों की गिनती – प्रदेश में संख्या 14 हजार पार पहुंचने का अनुमान

ऑनलाइन एप से हो रही गिद्धों की गिनती
– प्रदेश में संख्या 14 हजार पार पहुंचने का अनुमान
भोपाल, यश भारत । मध्यप्रदेश में गिद्धों की संख्या का आकलन करने के लिए वन विभाग द्वारा चलाया जा रहा विशेष गणना अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है। रविवार को तीसरे दिन भी प्रदेशभर में गिद्धों की गिनती की जाएगी। इसके बाद प्रदेश में गिद्धों की वास्तविक संख्या की तस्वीर साफ हो सकेगी। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार इस बार प्रदेश में गिद्धों की संख्या 14 हजार के पार पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पिछली गणना में प्रदेश में 12 हजार 981 गिद्ध दर्ज किए गए थे। इस बार संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। पन्ना क्षेत्र में लाल सिर वाले गिद्ध तथा भोपाल स्थित वन विहार नेशनल पार्क में सफेद पीठ वाले गिद्ध पाए गए हैं। बीते 10 वर्षों में प्रदेश में गिद्धों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है।
मध्यप्रदेश पहले से ही चीता, टाइगर और तेंदुआ स्टेट के रूप में पहचान बना चुका है। अब गिद्धों की बढ़ती संख्या ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ दिया है।
सात प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज
फरवरी में हुए सर्वेक्षण में प्रदेश में गिद्धों की करीब सात प्रजातियां पाई गई थीं। इनमें भारतीय गिद्ध, सिनेरियस गिद्ध, मिस्र गिद्ध (व्हाइट स्कैवेंजर) और हिमालयन ग्रिफॉन प्रमुख हैं। 22 से 24 मई के बीच जारी वर्तमान गणना अभियान में भी इन्हीं प्रजातियों की मौजूदगी सामने आई है।
सुबह 9 बजे तक हो रही गणना
वन विभाग द्वारा सूर्योदय से सुबह 9 बजे तक प्रदेश के सभी 16 वन वृत्त, 9 टाइगर रिजर्व, वन विकास निगम क्षेत्रों और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में गिद्धों की गणना कराई जा रही है। इस बार गिनती प्रक्रिया को तकनीकी रूप से अधिक सटीक बनाने के लिए विशेष ऑनलाइन एप तैयार किया गया है। इसी एप के माध्यम से मैदानी अमला गिद्धों की संख्या और प्रजातियों का डेटा सीधे अपलोड कर रहा है।







