यश भारत प्राइम टाइम विथ आशीष शुक्ला में सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी ने साझा किए अनुभव
यश भारत प्राइम टाइम विथ आशीष शुक्ला में सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी ने साझा किए अनुभव

व्यापार और नीति के बीच सेतु बनेगा ट्रेड ब्रिज : आर.के. जैन
यश भारत प्राइम टाइम विथ आशीष शुक्ला में सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी ने साझा किए अनुभव
जबलपुर, यश भारत। कस्टम्स, जीएसटी, एसईजेड और डीजीएफटी से जुड़े नियमों में लगातार हो रहे बदलावों के बीच व्यापारियों के लिए सही जानकारी और समय पर विशेषज्ञ परामर्श की जरूरत बढ़ती जा रही है। इसी विषय पर यश भारत प्राइम टाइम विद आशीष शुक्ला में ट्रेड ब्रिज एडवाइजर्स एलएलपी के संस्थापक एवं भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी आर.के. जैन से विशेष साक्षात्कार हुआ। यश भारत के संस्थापक आशीष शुक्ला से बातचीत में जैन ने अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था, व्यापारियों के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और अपनी संस्था के भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
तीन दशक के अनुभव से शुरू हुआ नया प्रयास
आर.के. जैन ने बताया कि भारतीय राजस्व सेवा में तीन दशक से अधिक समय तक कार्य करते हुए उन्हें कस्टम्स, जीएसटी, एसईजेड सहित अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को करीब से समझने का अवसर मिला। सेवानिवृत्ति के बाद इसी अनुभव को व्यापार जगत के लिए उपयोगी बनाने के उद्देश्य से ट्रेड ब्रिज एडवाइजर्स एलएलपी की स्थापना की गई। जैन के अनुसार आयातित माल के वर्गीकरण, मूल्यांकन या अन्य तकनीकी कारणों से कई बार माल बंदरगाह पर अटक जाता है। इससे डिटेंशन और डेमरेज जैसी लागत बढ़ने के साथ कारोबार की पूरी आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसलिए उनका जोर विवाद होने के बाद समाधान तलाशने के बजाय शुरुआत से ही सही अनुपालन और विशेषज्ञ सलाह पर है।उन्होंने बताया कि ट्रेड ब्रिज एडवाइजर्स की टीम में पांच से अधिक सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारी जुड़े हैं। संस्था कस्टम्स, जीएसटी, एसईजेड, एफटीडब्ल्यूजेड, ईओयू, डीजीएफटी, एडवांस ऑथराइजेशन और ड्यूटी ड्रॉबैक जैसे विषयों पर परामर्श उपलब्ध करा रही है।
व्यापार और नीति के बीच सेतु बनने का लक्ष्य
जैन ने कहा कि कस्टम्स में फेसलेस असेसमेंट, रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम, आईसीईगेट और सिंगल विंडो जैसी व्यवस्थाओं से प्रक्रियाओं में बदलाव आया है, लेकिन छोटे और मध्यम कारोबारियों तक इन सुविधाओं की पूरी जानकारी पहुंचाना अभी भी जरूरी है। संस्था के एक वर्ष पूरे होने पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ट्रेड ब्रिज एडवाइजर्स का लक्ष्य व्यापारियों को विवाद के बाद सहायता देने के साथ-साथ उन्हें पहले से जागरूक और अनुपालन के लिए तैयार करना है।







