मेडिकल कॉलेज में टोकन सिस्टम फेल
लंबी कतारों में खडे मरीज, ईलाज के लिए घंटों इंतजार

जबलपुर यशभारत। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज का टोकन सिस्टम मरीजों और उनके परिजनों के लिए मुसीबत बन गया है। इलाज के लिए आए सैकड़ों लोगों को सुबह से ही लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। पर्ची बनवाने और डॉक्टर से मिलने के लिए घंटों इंतजार आम हो गया है।
टोकन सिस्टम में अव्यवस्था
ऑनलाइन टोकन सुविधा मौजूद होने के बावजूद अधिकांश मरीज इसका लाभ नहीं उठा पा रहे। ग्रामीण मरीजों के पास ऑनलाइन संसाधनों की कमी है। कई बार सिस्टम क्रैश हो जाने से हाथ से लिखी पर्चियों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। कटंगी से आए मरीज के परिजन रमेश यादव ने कहा हम सुबह पाँच बजे पहुँचे, अभी तक पर्ची नहीं बनी। ऑनलाइन का तो हमें पता ही नहीं, यहाँ आकर ही कष्ट झेलना पड़ रहा है।
अन्य सुविधाओं का अभाव
लंबे इंतजार के दौरान बुनियादी सुविधाओं की कमी से मरीज और परिजन परेशाना पीने का पानी और बैठने की व्यवस्था अपर्याप्त। शौचालय गंदे और कम संख्या में।
बुजुर्ग मरीज के साथ आई संगीता बाई ने कहा-
लाइन में खड़े-खड़े बूढ़े मरीज थक जाते हैं, लेकिन बैठने के लिए कहीं जगह नहीं मिलती। गर्मी में पानी भी नसीब नहीं होता।
स्टाफ की कमी से भी परेशानी
ओपीडी में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा। सिवनी से आए अशोक विश्वकर्मा बोले- डॉक्टरों की संख्या बढ़नी चाहिए। भीड़ इतनी है कि ठीक से परामर्श भी नहीं मिल पाता।
प्रशासन का पक्ष
मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि टोकन सिस्टम को बेहतर बनाने की प्रक्रिया जारी है। तकनीकी टीम को लगातार सिस्टम क्रैश की समस्या सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण मरीजों को ऑनलाइन सुविधा का लाभ दिलाने के लिए अलग हेल्प डेस्क बनाने की योजना है। भीड़ को नियंत्रित करने और मरीजों की सुविधा के लिए जल्द ही अतिरिक्त स्टाफ और पर्ची काउंटर उपलब्ध कराए जाएंगे।
हम मरीजों की परेशानियों को गंभीरता से ले रहे हैं। जल्द ही टोकन सिस्टम को दुरुस्त कर, भीड़ कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू करेंगे।
डॉ. अरविंद शर्मा, मेडिकल अधीक्षक








