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एकता चौक पर बढ़ते हादसों से ट्रैफिक सिग्नल की मांग तेज,तेज रफ्तार वाहनों से हर समय बना रहता है हादसे का खतरा

पैदल यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी

एकता चौक पर बढ़ते हादसों से ट्रैफिक सिग्नल की मांग तेज,तेज रफ्तार वाहनों से हर समय बना रहता है हादसे का खतरा

जबलपुर, यश भारत। शहर का प्रमुख और व्यस्त एकता चौक इन दिनों लगातार सड़क हादसों को लेकर चर्चा में है। यह चौक कई मुख्य मार्गों को जोड़ता है, जिसके कारण यहां सुबह से रात तक भारी ट्रैफिक बना रहता है। चौक से गुजरने वाले अधिकांश वाहन तेज रफ्तार में निकलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते दिनों हुए एक सड़क हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने चौक की ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

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ट्रैफिक सिंग्नल नहीं होने से बिगड़ रही व्यवस्था

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एकता चौक पर अब तक ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। चौक पर न तो ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं और न ही ऐसी पुख्ता बैरिकेडिंग है जिससे वाहनों की गति नियंत्रित हो सके। कई वाहन चालक बिना गति कम किए सीधे चौक पार कर जाते हैं। खासकर रात के समय और व्यस्त घंटों में स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती भी यहां देखने को नहीं मिलती।

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पैदल यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी

एकता चौक से रोजाना बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी, बुजुर्ग और स्थानीय निवासी गुजरते हैं। सड़क पार करते समय लोगों को काफी देर तक वाहनों के रुकने का इंतजार करना पड़ता है। कई बार लोग जोखिम उठाकर सड़क पार करने को मजबूर हो जाते हैं। सड़क किनारे दुकान लगाने वाले और आसपास काम करने वाले लोगों ने बताया कि यहां हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है। लगातार हो रहे छोटे-बड़े हादसे लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं।

स्थानीय रहवासियों ने प्रशासन और ट्रैफिक विभाग से मांग की है कि एकता चौक पर तत्काल ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएं और स्पीड ब्रेकर बनाकर वाहनों की गति नियंत्रित की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो आने वाले समय में बड़ा हादसा हो सकता है। नागरिकों ने चौक पर स्थायी ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने और नियमित निगरानी बढ़ाने की भी मांग की है।

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