पर्दे पर कड़क, घर में संवेदनशील: जानिए नाना पाटेकर की निजी जिंदगी और पारिवारिक रिश्तों का सच
सादगी की मिसाल थीं पत्नी नीलकांति

जबलपुर , यश भारत। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अपनी दमदार अदाकारी, कड़क आवाज और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते थे। पर्दे पर उन्होंने जितने कड़े और आक्रामक किरदार निभाए, असल जिंदगी में वह उतने ही संवेदनशील और सादगी पसंद इंसान थे। नाना पाटेकर अपनी निजी जिंदगी को हमेशा चकाचौंध से दूर रखना पसंद करते थे। यही वजह रही कि प्रशंसक उनके परिवार और निजी रिश्तों के बारे में बहुत कम जानते हैं। 8 अक्टूबर को 75 वर्ष की उम्र में हृदयाघात के कारण उनके निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।

सादगी की मिसाल थीं पत्नी नीलकांति
नाना पाटेकर की पत्नी नीलकांति पाटेकर हैं। आज के दौर में जहां फिल्मी सितारों के परिवार अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, वहीं नीलकांति हमेशा लाइमलाइट से दूर रहीं। नाना और नीलकांति की मुलाकात थिएटर के दिनों में हुई थी। उस समय नीलकांति बैंक में काम करती थीं और इसके साथ ही थिएटर से भी जुड़ी हुई थीं। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और वर्ष 1978 में उन्होंने शादी कर ली।

मुश्किल दौर में नीलकांति ने दिया नाना का साथ
नाना पाटेकर के करियर के शुरुआती दौर में आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उस समय नीलकांति ने उनका आर्थिक और भावनात्मक रूप से साथ दिया। दोनों ने मिलकर जीवन की कई मुश्किलों का सामना किया। हालांकि समय के साथ उनके रिश्ते में मतभेद आए और दोनों अलग-अलग रहने लगे, लेकिन उन्होंने कभी तलाक नहीं लिया। अलग रहने के बावजूद दोनों के बीच पारिवारिक रिश्ता बना रहा।
पहले बेटे की मौत ने दिया गहरा दर्द
नाना और नीलकांति के दो बेटे थे। उनके बड़े बेटे दुर्वासा का करीब ढाई साल की उम्र में निधन हो गया था। यह घटना नाना पाटेकर के जीवन का बेहद कठिन दौर रही। इसके बाद उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने परिवार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नाना के निधन के बाद भी उनके परिवार में पत्नी नीलकांति और बेटे मल्हार का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है।
पर्दे के पीछे रहकर हुनर दिखाते रहे बेटे मल्हार
नाना पाटेकर और नीलकांति के बेटे मल्हार पाटेकर ने अभिनय के बजाय फिल्म निर्माण से जुड़े काम को अपने करियर के रूप में चुना। उन्होंने कैमरे के सामने आने के बजाय पर्दे के पीछे काम करना पसंद किया। मल्हार फिल्म निर्माण की बारीकियां सीख चुके हैं और बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर भी काम कर चुके हैं।
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स्टार पिता के बेटे होकर भी लाइमलाइट से दूर
नाना पाटेकर के बेटे मल्हार ने अपने पिता की लोकप्रियता के बावजूद खुद को ग्लैमर की दुनिया में आगे बढ़ाने के बजाय फिल्म निर्माण पर ध्यान दिया। वह लंबे समय तक मीडिया और पापाराजी की नजरों से दूर रहे। पिता के साथ उनका रिश्ता भी बेहद निजी रहा। नाना के निधन के बाद मल्हार गोवा पहुंचे और परिवार के साथ रहे। नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक लंबे करियर में अभिनय की ऐसी छाप छोड़ी, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। पर्दे पर उनकी कड़क आवाज और प्रभावशाली किरदारों के पीछे एक ऐसा इंसान भी था, जिसने निजी जिंदगी को हमेशा सादगी और गोपनीयता के साथ जिया। उनके निधन के बाद अब उनके अभिनय के साथ-साथ उनके पारिवारिक जीवन से जुड़ी यादें भी चर्चा में हैं।







