सौर तकनीक से सुरक्षित होगा अनाज , मध्यप्रदेश में ग्रेन ड्रायर योजना की तैयारी, किसानों को मिल सकता है 50 फीसदी तक अनुदान

सौर तकनीक से सुरक्षित होगा अनाज , मध्यप्रदेश में ग्रेन ड्रायर योजना की तैयारी, किसानों को मिल सकता है 50 फीसदी तक अनुदान
भोपाल, यश भारत। मध्यप्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। किसानों की फसल को नमी फफूंदी और खराब भंडारण से बचाने के लिए राज्य में सोलर आधारित ग्रेन ड्रायर और डिह्यूमिडिफिकेशन सिस्टम लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार इस योजना को कृषि और उद्यानिकी विभाग के माध्यम से जमीन पर उतारने की रणनीति बना रही है। प्रदेश में गेहूं धान मक्का और दलहन की बड़ी मात्रा में पैदावार होती है लेकिन कटाई के बाद अनाज में अधिक नमी रहने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार फसल में 18 से 30 प्रतिशत तक नमी बनी रहती है जबकि सुरक्षित भंडारण के लिए इसे 12 से 14 प्रतिशत तक लाना जरूरी होता है। सही तरीके से सुखाने की व्यवस्था नहीं होने पर अनाज में फफूंदी कीट और अंकुरण की समस्या बढ़ जाती है जिससे बाजार में उसकी कीमत कम हो जाती है। सोलर ग्रेन ड्रायर तकनीक सूर्य की ऊर्जा से संचालित होती है। इसमें सोलर पैनल ह्यूमिडिटी सेंसर एग्जॉस्ट फैन और एयर कंट्रोल सिस्टम लगाए जाते हैं जो नियंत्रित तापमान पर अनाज को सुखाकर लंबे समय तक सुरक्षित बनाए रखते हैं। इस तकनीक से बिजली और डीजल खर्च में भी कमी आएगी। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार सोलर ड्रायर यूनिट पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान देने की संभावनाएं तलाश रही है। एक यूनिट की कीमत करीब ढाई से तीन लाख रुपए बताई जा रही है। ऐसे में किसानों को करीब सवा लाख रुपए तक की सहायता मिल सकती है। केंद्र सरकार की पीएम एफएमई एसएमएएम योजनाओं के तहत भी इस तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में कृषि भंडारण और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे फसल नुकसान घटेगा किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योगों को नई गति मिलेगी।







