आरबीआई का ऐतिहासिक लाभांश: मोदी सरकार के खजाने में 3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा!
रिकॉर्ड तोड़ लाभांश की उम्मीद, आर्थिक सुधारों को मिलेगी गति

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आज, 23 मई को, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए केंद्र सरकार को एक अभूतपूर्व लाभांश भुगतान करने की तैयारी में है। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई इस साल सरकार को 3 लाख करोड़ रुपये का भारी लाभांश दे सकता है। यह घोषणा आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की बैठक के बाद की जाएगी, जो देश की आर्थिक नीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।
पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, इस साल और भी बड़ी उम्मीदें
पिछले वर्ष, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2024 के लिए 2.1 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड सरप्लस ट्रांसफर करके बाजार को चौंका दिया था, जो वित्त वर्ष 2023 में हस्तांतरित 87,416 करोड़ रुपये से दोगुना से भी अधिक था। इस साल, लाभांश में और भी अधिक वृद्धि की संभावना है, जिससे सरकार को प्रमुख खर्च योजनाओं को लागू करने में काफी मदद मिलेगी। यह अतिरिक्त धनराशि सरकार को राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में सहायक होगी।
आरबीआई सरकार को लाभांश क्यों देता है?
आरबीआई, अन्य केंद्रीय बैंकों की तरह, विभिन्न परिचालनों के माध्यम से अधिशेष जमा करता है, और इस अधिशेष का एक हिस्सा लाभांश या सरप्लस ट्रांसफर के रूप में केंद्र सरकार को हस्तांतरित किया जाता है। यह हस्तांतरण आर्थिक पूंजी ढांचे (ईसीएफ) द्वारा नियंत्रित होता है, जिसकी समीक्षा और संशोधन 2019 में आरबीआई के पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया था।
आर्थिक पूंजी ढांचा (ईसीएफ) की भूमिका
ईसीएफ के अनुसार, आरबीआई को जोखिम प्रावधान का एक निश्चित स्तर बनाए रखना आवश्यक है। विशेष रूप से, आकस्मिक जोखिम बफर (सीआरबी) के तहत, अपनी बैलेंस शीट के 6.5 प्रतिशत से 5.5 प्रतिशत की सीमा के भीतर प्रावधान के बाद, शेष अधिशेष सरकार को हस्तांतरित करने के लिए पात्र हो जाता है।
आरबीआई की आय के स्रोत
- डॉलर की बिक्री से लाभ
- विदेशी प्रतिभूतियों पर ब्याज
- भारतीय सरकारी बॉन्ड पर ब्याज
- सोने के पुनर्मूल्यांकन पर लाभ
- हेल्ड सिक्योरिटी में कोई भी मूल्यांकन लाभ
आर्थिक प्रभाव और सरकार की योजनाएं
आरबीआई के इस ऐतिहासिक लाभांश से सरकार को कई महत्वपूर्ण आर्थिक योजनाओं को गति देने में मदद मिलेगी। इससे बुनियादी ढांचे के विकास, सामाजिक कल्याण योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यह लाभांश सरकार को राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने में भी मदद करेगा।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई का यह लाभांश भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह सरकार को आर्थिक सुधारों को तेजी से लागू करने और विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगा। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि सरकार को इस अतिरिक्त धनराशि का उपयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए ताकि मुद्रास्फीति को नियंत्रित किया जा सके और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखा जा सके।







