प्रधानमंत्री मोदी की आठवीं बार जापान यात्रा,रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम
प्रधानमंत्री मोदी ने 29 अगस्त की सुबह टोक्यो पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया

प्रधानमंत्री मोदी की आठवीं बार जापान यात्रा,रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम
टोक्यो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय जापान दौरे पर हैं। यह प्रधानमंत्री के रूप में उनका जापान का आठवां दौरा है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत और गहरी होती साझेदारी को दर्शाता है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और जापान के बीच रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और अधिक मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 29 अगस्त की सुबह टोक्यो पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने गायत्री मंत्र का जाप किया। उन्होंने जापान में रहने वाले प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात की।
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और उनके जापानी समकक्ष इशिबा के बीच सुरक्षा, रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस चर्चा के बाद दोनों नेता औपचारिक रात्रिभोज में शामिल होंगे। इसके अलावा, 30 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी मियागी में बुलेट ट्रेन के कोच बनाने वाली फैक्ट्री का भी दौरा करेंगे।
यह यात्रा भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर विवाद चल रहा है। जापान द्वारा भारत में 10 ट्रिलियन येन (लगभग 5.93 लाख करोड़ रुपये) के निवेश की घोषणा इस दौरे का एक प्रमुख बिंदु है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा न केवल दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को गति देगा, बल्कि भू-राजनीतिक परिदृश्य में भी एक महत्वपूर्ण संदेश देगा। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 11 वर्षों में लगभग 91 विदेशी दौरे किए हैं, जिनमें से 78 देशों का दौरा शामिल है। जापान का उनका आठवां दौरा उन्हें सबसे अधिक बार जापान जाने वाला भारतीय प्रधानमंत्री बनाता है, जो जापान के साथ भारत की विशेष रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करता है।







