अंडरटेकिंग लेकर कर्मचारियों को दें 100% वेतन, सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने से आदेश पर रोक नहीं

जबलपुर, यश भारत। मध्यप्रदेश में नव नियुक्त कर्मचारियों को 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन दिए जाने के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। न्यायमूर्ति विशाल धगत ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने मात्र से उस पर रोक नहीं लग जाती। जब तक सुप्रीम कोर्ट से कोई स्थगन आदेश नहीं आता, हाईकोर्ट के पूर्व आदेश का पालन करना होगा।
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कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों को 100 प्रतिशत वेतन का भुगतान किया जाए। हालांकि भुगतान से पहले संबंधित कर्मचारियों से अंडरटेकिंग ली जा सकती है। इसमें यह प्रावधान रहेगा कि यदि सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले में सरकार के पक्ष में फैसला आता है, तो कर्मचारियों को मिली अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मामला डायरी नंबर 20778/2026 के तहत लंबित है। सरकार ने इसी आधार पर फिलहाल 100 प्रतिशत वेतन देने के आदेश पर रोक की मांग की थी। कर्मचारियों की ओर से बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर कोई स्थगन नहीं दिया है।
मामला मध्यप्रदेश में नई भर्ती वाले कर्मचारियों को शुरुआती तीन वर्षों में कम वेतन दिए जाने की व्यवस्था से जुड़ा है। इसके तहत पहले वर्ष 70 प्रतिशत, दूसरे वर्ष 80 प्रतिशत और तीसरे वर्ष 90 प्रतिशत वेतन दिया जाता था, जबकि चौथे वर्ष से पूरा वेतन मिलता था। इस व्यवस्था को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने पूर्व में इसे कानून के विपरीत मानते हुए नियुक्ति के शुरुआती समय से 100 प्रतिशत वेतन देने का आदेश दिया था। राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ताजा आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट से रोक नहीं होने तक उसके पूर्व आदेश का पालन किया जाना जरूरी है।







