जबलपुरभोपालमध्य प्रदेशराज्य

एक माह में 10 से अधिक मौतें, 25 से ज्यादा घायल, जबलपुर में सड़क हादसों के आंकड़े डराने वाले

जबलपुर,यश भारत. जिले में पिछले एक माह के दौरान सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्गों, शहरी सड़कों और ग्रामीण इलाकों में हुए हादसों में 10 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सामने आए आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि सड़क सुरक्षा को लेकर स्थिति गंभीर होती जा रही है।

हाईवे से लेकर शहर तक फैला हादसों का दायरा
पिछले 30 दिनों में हादसे केवल एक-दो इलाकों तक सीमित नहीं रहे।

बरेला हाईवे पर तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे बैठे मजदूरों को कुचल दिया, जिसमें दो मजदूरों की मौत और कई घायल हुए।

जबलपुर – भोपाल हाईवे पर ओवरब्रिज से भारी वाहन गिरने से दो लोगों की जान गई, वहीं चार से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

शहरी क्षेत्रों में बाइक सवारों को तेज रफ्तार वाहनों ने टक्कर मारी, जिनमें चाचा-भतीजे की मौत जैसे मामले सामने आए।

पनागर – मझौली व आसपास के ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टर व लोडिंग वाहन पलटने से भी जानमाल का नुकसान हुआ।

एक अन्य हादसे में महिलाओं की मौत के बाद परिजनों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

बॉक्स-1 : पिछले 1 माह में सड़क हादसों का आंकड़ा

कुल दर्ज सड़क हादसे : 20 से अधिक
कुल मौतें : 10+
कुल घायल : 25+
गंभीर रूप से घायल : 12+

बॉक्स-2 : हादसे कहां-कहां हुए

बरेला हाईवे : मजदूरों को टक्कर, 2 मौत
जबलपुर–भोपाल हाईवे : ओवरब्रिज हादसा, 2 मौत
शहरी क्षेत्र : बाइक हादसे, 3+ मौत
ग्रामीण क्षेत्र (पनागर आदि): वाहन पलटना, मौतें
अन्य मार्ग : पैदल व दोपहिया दुर्घटनाएं

बॉक्स-3 : हादसों की मुख्य वजह

तेज रफ्तार ██████████ 40%
लापरवाही से ड्राइविंग ████████ 30%
नशे में वाहन चलाना ████ 15%
हेलमेट/सीट बेल्ट नहीं ███ 10%
अन्य कारण █ 5%

सबसे ज्यादा प्रभावित कौन

दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालक, मजदूर वर्ग,महिलाएं और पैदल यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई मामलों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी सीधे तौर पर जानलेवा साबित हुई।

पुलिस और प्रशासन अलर्ट

लगातार बढ़ते हादसों को देखते हुए यातायात पुलिस ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेकिंग अभियान तेज किया है, स्पीड कंट्रोल और चालानी कार्रवाई बढ़ाई है,ब्लैक-स्पॉट चिन्हित कर अतिरिक्त निगरानी के निर्देश दिए हैं।प्रशासन का कहना है कि यदि लापरवाही जारी रही, तो हादसों का ग्राफ और ऊपर जा सकता है।

सड़क सुरक्षा पर चेतावनी

आंकड़े साफ बता रहे हैं कि सख्ती, जागरूकता और नियमों का पालन ही हादसों पर लगाम लगा सकता है। वरना आने वाले महीनों में सड़क दुर्घटनाएं और भी भयावह रूप ले सकती हैं।

WhatsApp Image 2026 02 05 at 13.58.34

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button