भोपाल

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों की अब खैर नहीं -पुलिस सोशल मीडिया पर भडक़ाऊ पोस्ट डालने वालों पर करेगी केस दर्ज

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों की अब खैर नहीं
-पुलिस सोशल मीडिया पर भडक़ाऊ पोस्ट डालने वालों पर करेगी केस दर्ज
भोपाल, यशभारत।
राजधानी में सोशल मीडिया के माध्यम से शहर की शांति व्यवस्था भंग करने वाले और आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो, फोटो और ऑडियो डालने वाले असामाजिक तत्वों की अब खैर नहीं है। सोशल मीडिया पर इस तरह के पोस्ट डालने वालों के खिलाफ अब भोपाल पुलिस केस दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाएगी। पुलिस त्यौहारों के चलते सोशल मीडिया पर नजर रखे हुए हैं। इस संबंध में पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र ने आदेश जारी दिशा-निर्देश दिए हैं।
पुलिस आयुक्त हरिनरारायणचारी मिश्र ने बताया कि व्हाट्सएप, एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से असामाजिक तत्वों के कई समूहों द्वारा सामाजिक तानेबाने को तोडऩे व दो समुदायों के मध्य संघर्ष/वैमनस्यता की स्थिति निर्मित करने के लिए तरह-तरह के आपत्तिजनक संदेश एवं चित्रों व वीडियो एवं ऑडियो मैसेज पोस्ट किए जा सकते हैं। इस प्रकार के पोस्ट से कई बार लोगों को एक स्थान पर एकत्रित होने एवं एक समुदाय के विरुद्ध वातावरण निर्मित करने जैसे संदेशों का पोस्ट/प्रसारण किया जाता है। इससे भोपाल शहर के सामुदायिक सद्भाव एवं शांति व्यवस्था के लिए प्रतिकूल स्थितियां निर्मित हो सकती है। इसके अतिरिक्त धार्मिक भावनाओं को उभारने एवं साम्प्रदायिक वातावरण निर्मित करने का प्रयास भी किया जा सकता है। इस प्रकार के पोस्ट/प्रसारण से कई बार विरूपित चित्र या आपत्तिजनक दृश्य सोशल मीडिया पर डालने से भी आमजन की भावनाएं आहत होकर कई बार लोक व्यवस्था को खतरा उत्पन्न होने की स्थितियां निर्मित हुई है। यहां यह उल्लेखनीय है कि आपत्तिजनक पोस्ट से उतनी वैमनस्यता का संचार नहीं होता है, जितना कि उस पर आये कमेंट्स और क्रास कमेंट्स के कारण होता है। इंटरनेट पर एक प्रकार वैमनस्यता की अभिव्यक्ति ऐसे पोस्ट के माध्यम से होती है जिस पर हर कोई बिना विचार किये एवं बिना किसी दायित्व के द्वेषपूर्ण एवं अश्लील शब्दों का प्रयोग कर धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। इस प्रकार के इंटरनेट सोशल मीडिया वॉर्स अभी भी सक्रिय हैं जिनसे लोक व्यवस्था एवं सामाजिक शांति भंग हो सकती है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि उक्त संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए सोशल मीडिया पर इस प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालो के विरूद्ध तथा महानगर भोपाल में जन सुरक्षा तथा लोक परिशांति बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए सोशल मीडिया पर इस तरह के पोस्ट पर प्रतिबंधात्मक लगाने के संबंध में आदेश जारी किया है।
इन बातों का रखना होगा ध्यान-
-कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म जैसे-फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स, इंस्टाग्राम, हाईक, एसएमएस, टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया साइट का दुरुपयोग कर धार्मिक, सामाजिक, जातिगत भावनाओं एवं विद्वेष को भडक़ाने के लिए किसी भी प्रकार के संदेशों का प्रसारण नहीं करेगा।

-कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म में किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक एवं उन्माद फैलाने वाले संदेश, फोटो, वीडियो, ऑडियो इत्यादि जिससे धार्मिक, सामाजिक, जातिगत आदि भावनाएं भडक़ सकती हैं या सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हो सकता है उसे प्रसारित नहीं करेगा।

-सोशल मीडिया के किसी भी पोस्ट जिसमें धार्मिक, सांप्रदायिक एवं जातिगत भावना भडक़ती हो, को कमेंट, लाइक, शेयर या फॉरवर्ड नहीं करेगा। ग्रुप एडमिन की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप में इस प्रकार के संदेशों को रोके।

-कोई भी व्यक्ति सामुदायिक, धार्मिक, जातिगत विद्वेष फैलाने या लोगों अथवा समुदाय के मध्य घृणा, वैमनस्यता पैदा करने या दुष्प्रेरित करने या उकसाने या हिंसा फैलाने का प्रयास उपरोक्त माध्यमों से नही करेगा और न ही इसके लिए किसी को प्रेरित करेगा।

-कोई भी व्यक्ति अफवाह या तथ्यों को तोड़ मरोडक़र भडक़ाकर उन्माद उत्पन्न करने वाले संदेश जिससे लोग या समुदाय विशेष, हिंसा या गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हो जाएं, को प्रसारित नहीं करेगा और न ही लाइक, शेयर या फारवर्ड करेगा और न ही ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा।

-कोई भी व्यक्ति, समुदाय ऐसे संदेशों को प्रसारित नहीं करेगा, जिसमें किसी व्यक्ति, संगठन, समुदाय आदि को एक स्थान पर एक राय होकर जमा होने और उनसे कोई गैरकानूनी गतिविधियां करने के लिए आव्हान किया गया हो, जिससे कानून एवं शांति व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना विद्यमान हो।

बिना पहचान पत्र के साइबर कैफे में पाबंदी-
भोपाल शहर की सीमा में किसी भी साइबर कैफे के स्वामी संचालक द्वारा किसी भी अनजान व्यक्ति जिसका परिचय किसी विश्वसनीय प्रमाण-पत्र जैसे- परिचय पत्र, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लायसेंस, पासपोर्ट फोटो युक्त, पैन कार्ड या ऐसे ही अन्य साक्ष्य से प्रमाणित न हो को साइबर कैफे का उपयोग नहीं करने दिया जायेगा। साइबर कैफे के स्वामी संचालक द्वारा समस्त आगंतुकों/प्रयोगकर्ताओं का रजिस्टर रखा जाना आवश्यक है जिसमें उनका हस्तलिखित नाम, पता, दूरभाषा नम्बर तथा परिचय का प्रमाण पत्र अंकित हो इसके बिना सायबर कैफे का प्रयोग वर्जित होगा। साइबर कैफे में बिना वेब कैमरा लगाये जिसमें प्रत्येक आगंतुक प्रयोगकर्ताओं की फोटो खींची जा सके तथा उसका अभिलेख सुरक्षित रखा जाना आवश्यक होगा।

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