गांजा तस्करों से वसूली के मामले में नजीराबाद थाना प्रभारी लाइन अटैच, विभागीय जांच शुरू

गांजा तस्करों से वसूली के मामले में नजीराबाद थाना प्रभारी लाइन अटैच, विभागीय जांच शुरू
भोपाल, यश भारत। राजधानी के देहात क्षेत्र में खाकी को दागदार करने वाला मामला सामने आया है। नजीराबाद थाना प्रभारी अरुण शर्मा को गांजा तस्करों से सांठगांठ और अवैध वसूली के आरोप में एसपी ने तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने तस्करों से 1.70 लाख रुपए की रिश्वत लेकर उन्हें बिना किसी कानूनी कार्रवाई के थाने से छोड़ दिया था।
मामला 30 मार्च का है, जब नजीराबाद पुलिस ने सीताराम यादव उर्फ राधे और जितेंद्र यादव को 430 ग्राम गांजे के साथ हिरासत में लिया था। आरक्षक मनोज धाकड़ ने इन आरोपियों को पकड़ा था और थाने लेकर आया था। आरोप है कि इसके बाद आरक्षक ने ही तस्करों और थाना प्रभारी के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाई। तस्करों को छोड़ने के बदले लाखों रुपए की मांग की गई, जिसके बाद 1.70 लाख रुपए में सौदा तय हुआ।
रकम मिलते ही पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के बजाय उन्हें थाने से ही जाने दिया। इस भ्रष्टाचार की भनक एसडीओपी वैशाली करहालिया को लगी, जिन्होंने मामले की प्राथमिक जांच की। जांच में भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर एसडीओपी ने अपना प्रतिवेदन एसपी को सौंपा।
एसपी ने प्रतिवेदन पर संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी अरुण शर्मा की भूमिका को संदिग्ध पाया और उन्हें लाइन हाजिर करने के आदेश जारी किए। साथ ही मामले में संलिप्त आरक्षक पर भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस विभाग ने इस मामले में विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि भ्रष्टाचार की तह तक जाकर दोषियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जा सके।







