सीसीआईएनएम के अंतर्गत खाद एवं उर्वरक विक्रेताओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित
वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए सुझावों को किसानों तक पहुंचाएं विक्रेता- डॉ. रश्मि शुक्ला

जबलपुर, यशभारत। कृषि विज्ञान केंद्र, जबलपुर एवं जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा मैनेज हैदराबाद तथा सीएट भोपाल के प्रायोजन में संचालित सीसीआईएनएम के अंतर्गत खाद एवं उर्वरक विक्रेताओं के लिए आयोजित 15-15 दिवसीय दो प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के सफल समापन पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इन दोनों प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कुल 60 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रशिक्षण के अंतर्गत टीपी नंबर-761, बैच नंबर-5 में मार्कफेड से जुड़े आदान विक्रेताओं तथा टीपी नंबर-792, बैच नंबर-6 में अन्य आदान विक्रेताओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मृदा विज्ञान, फसल विज्ञान, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्रदान की गई, ताकि आदान विक्रेता किसानों को वैज्ञानिक एवं उचित सलाह दे सकें तथा किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक बना सकें। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा की प्रेरणा एवं संचालक विस्तार सेवाएं डॉ. टी.आर. शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन 12 जून 2026 को किया गया, जिसमें जबलपुर संभाग के मुख्य अतिथि श्री के.एस. नेताम उपस्थित रहे। उन्होंने दोनों बैचों के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए तथा अपने संबोधन में रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ-साथ जैविक एवं अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग पर भी विशेष बल दिया।
वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए सुझावों को किसानों तक पहुंचाएं विक्रेता- डॉ. रश्मि शुक्ला
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, जबलपुर की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. रश्मि शुक्ला ने प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए आदान विक्रेताओं से वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए सुझावों को किसानों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने का आग्रह किया। इस अवसर पर मार्कफेड जबलपुर से श्रीमती नीलम कश्यप ने मार्कफेड की गतिविधियों एवं किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।सीसीआईएनएम कोर्स के समन्वयक डॉ. ए.के. सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों, इसकी महत्ता तथा भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए पाठ्यक्रम के सफल संचालन की जानकारी साझा की।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. डी.के. सिंह, डॉ. नीलू विश्वकर्मा, डॉ. अक्षता तोमर, डॉ. ऋ चा सिंह, डॉ. नेहा शर्मा एवं कु. अंजना गुप्ता उपस्थित रहे। सभी वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उनके उ”वल भविष्य की कामना की कार्यक्रम में 50 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. डी.के. सिंह द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. ऋचा सिंह ने किया।








