नवरात्र शुरू, मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता, नौ दिन होगी मां जगदम्बे के विविध स्वरूपों की उपासना, प्रतिमाओं की स्थापना का सिलसिला शुरू

कटनी, यशभारत। आदिशक्ति जगतजननी मां दुर्गा की शक्ति उपासना का महापर्व शारदेय नवरात्रि आज से शुरू हो गया। नौ दिनों तक मां जगदम्बे के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। आज से मां के उपासकों का नौ दिनी व्रत भी शुरू हो गया। भोर होते ही देवी मंदिरों में जल ढारने का सिलसिला शुरू हो गया। सबसे ज्यादा भीड़ जालपा मढिय़ा में नजर आई। यहां आज शाम जवारे बोए जाएंगे और हर रोज माता का आकर्षक श्रृंगार करते हुए धार्मिक अनुष्ठान का सिलसिला चलेगा। नवरात्र का समापन नवमी के दिन होगा। इस दिन जवारा विसर्जन किया जाएगा। मंदिरों में भीड़ के मद्देनजर पुलिस की ओर से सुरक्षा के इंतजाम भी किये गए हैं। शारेदय नवरात्र पर आज से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमडऩे लगी। शहर के प्रमुख आस्था के केन्द्र जालपा वार्ड स्थित जालपा माई की मढिय़ा में सबसे ज्यादा भीड़ रही। इसके अलावा जालपा वार्ड स्थित काली मंदिर, आजाद चौक स्थित आदिशक्ति जगत जननी दुर्गा मंदिर, बाबली टोला स्थित मरही माता मंदिर, झंडा बाजार स्थित खेरमाई मंदिर, बरगवां स्थित भूमि प्रकट मां शारदा मंदिर, घंटाघर स्थित काली मंदिर, अशोक कालोनी स्थित मां शेरावाली मंदिर, तिलक कालेज रोड स्थित खेरमाई मंदिर, आयुध निर्माणी स्थित खेरमाई माता मंदिर, खिरहनी फाटक स्थित दख्खिन माता मढिय़ा, आयुध निर्माणी स्थित काली मंदिर, एसीसी स्थित दुर्गा मंदिर, चंडिका नगर स्थित मां चंडिका मंदिर, नई बस्ती शहीद द्वार स्थित माता मंदिर, विवेकानंद वार्ड स्थित खेरमाई मढिय़ा, छपरवाह स्थित देवी मंदिर, शांतिनगर स्थित दुर्गा मंदिर सहित उपनगरीय क्षेत्रों में स्थित देवी मंदिरों में भी पूजा अर्चना का सिलसिला दिन भर चलता रहा। मंदिरों में नौ दिन व्रत, अनुष्ठïान, यज्ञ और हवन का सिलसिला चलता रहेगा। नवरात्र की नवमी को पर्व का समापन होगा। अष्टïमी एवं नवमी पर कन्या भोज और विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा। नवरात्र की बैठकी पर मां जगदम्बे की प्रतिमाओं की स्थापना भी कई स्थानों पर कर दी गई है। शहर के ज्यादातर स्थापना स्थलों पर पंचमी और षष्ठी को स्थापना की जाती हैए लेकिन कुछ वर्षों से शहर तथा उपनगरीय क्षेत्रों में कई जगह पूरे नौ दिन देवी विराजमान होती है। दुर्गा पूजा पर्व को भव्यतम स्वरूप देने दुर्गा समितियां जुट चुकी है। पंडाल के साथ आकर्षक साज सजावट भी होगी। साज सज्जा में कुछ नए प्रयोग भी इस बार देखने मिलेंगे।







