निजी अस्पतालों के नर्सिंग ऑफिसर्स और पैरामेडिकल स्टाफ ने उठाई वेतन बढ़ाने की मांग न्यूनतम वेतन 30 से 40 हजार रुपये करने श्रम आयुक्त के नाम सौंपा ज्ञापन

निजी अस्पतालों के नर्सिंग ऑफिसर्स और पैरामेडिकल स्टाफ ने उठाई वेतन बढ़ाने की मांग
न्यूनतम वेतन 30 से 40 हजार रुपये करने श्रम आयुक्त के नाम सौंपा ज्ञापन, मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
भोपाल, यश भारत। मध्य प्रदेश के निजी अस्पतालों नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटरों में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर श्रम आयुक्त के नाम अपर कलेक्टर पीसी शाक्य को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन 30 हजार से 40 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने तथा इसके लिए श्रम कानूनों में आवश्यक संशोधन करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ होने के बावजूद नर्सिंग और पैरामेडिकल कर्मचारियों को योग्यता एवं कार्यभार के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों के अनुसार उनसे प्रतिदिन 8 से 12 घंटे तक ड्यूटी कराई जाती है जबकि कई कर्मचारियों को महज 8 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। बढ़ती महंगाई में इतनी कम आय से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि बीएससी नर्सिंग जीएनएम बीएमएलटी और डीएमएलटी जैसी योग्यताएं रखने वाले प्रशिक्षित पेशेवरों को उचित पारिश्रमिक मिलना चाहिए। कम वेतन के कारण उन्हें आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
कुशल एवं उच्च कुशल श्रेणी में वेतन निर्धारित करने की मांग
ज्ञापन में मांग की गई कि निजी चिकित्सा संस्थानों में नर्सिंग ऑफिसर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को कुशल एवं उच्च कुशल श्रेणी के अनुरूप वेतन दिया जाए और न्यूनतम वेतन 30 से 40 हजार रुपये प्रतिमाह तय किया जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।







