कोसमी में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़ने पर आयोग सख्त, सरकार से तीन दिन में मांगा जवाब
यश भारत, भोपाल। सीहोर जिले के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने का मामला अब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग तक पहुंच गया है। आयोग ने इस मामले में मध्यप्रदेश सरकार और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज और अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।आयोग ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, वन विभाग के प्रमुख सचिव, सीहोर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। मामला बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में वन विकास निगम की कार्रवाई के दौरान 12 आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने और उनकी फसलें नष्ट होने से जुड़ा है।इस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कड़ी नाराजगी जताई थी। प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि उनके क्षेत्र में अन्याय की पराकाष्ठा और जुल्म की इंतहा हो गई है। उन्होंने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
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