भोपालमध्य प्रदेश

युवाओं पर लाइफस्टाइल का वार , हर चौथा हाई बीपी शुगर का शिकार, हार्ट अटैक 12% बढ़े विश्व स्वास्थ्य दिवस पर रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, 25,40 उम्र वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित

युवाओं पर लाइफस्टाइल का वार , हर चौथा हाई बीपी शुगर का शिकार, हार्ट अटैक 12% बढ़े

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, 25,40 उम्र वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित

भोपाल यश भारत। मध्यप्रदेश में अब संक्रामक बीमारियों से ज्यादा खराब जीवनशैली युवाओं के लिए खतरा बनती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर सामने आई रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े उजागर किए हैं। इसके अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 से 40 वर्ष के करीब 25 प्रतिशत युवा हाई ब्लड प्रेशर और प्री डायबिटिक स्थिति से जूझ रहे हैं। पिछले दो वर्षों में युवाओं में हार्ट अटैक के मामलों में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कम उम्र में कमजोर हो रहा दिल डॉक्टरों के मुताबिक 8 से 10 घंटे की डेस्क जॉब, बढ़ता स्क्रीन टाइम और शारीरिक गतिविधियों की कमी युवाओं के दिल को समय से पहले कमजोर बना रही है। डिजिटल तनाव के चलते शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ रहा है, जो सीधे हृदय और रक्तचाप को प्रभावित करता है। हर 10 में 3 युवा सीने की परेशानी से जूझ रहे अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले हर 10 मरीजों में से 3 युवा सीने में भारीपन, दर्द और घबराहट की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। रोजाना 75 से 100 मरीजों में से 4 से 5 को भर्ती करना पड़ता है जिनमें कई की उम्र 40 वर्ष से कम होती है। ये हैं बढ़ती बीमारी के बड़े कारण विशेषज्ञों के अनुसार जंक फूड का अधिक सेवन, नींद की कमी, मानसिक तनाव, अत्यधिक स्क्रीन टाइम और एक्सरसाइज की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। अनियमित दिनचर्या युवाओं को साइलेंट किलर बीमारियों की ओर धकेल रही है। बचाव के लिए अपनाएं ये आदतें , डॉक्टरों की सलाह है कि रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या पैदल चलना जरूरी है। हर घंटे काम के बाद 5 मिनट का ब्रेक लेकर स्ट्रेचिंग करें। नमक और चीनी का सेवन सीमित रखें और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं। 25 वर्ष की उम्र के बाद साल में कम से कम दो बार बीपी और शुगर की जांच कराएं। साथ ही 7 से 8 घंटे की नींद और योग को दिनचर्या में शामिल करें। 15% युवाओं को अपनी बीमारी का पता ही नहीं , स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भोपाल के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले 15 प्रतिशत युवाओं को यह तक पता नहीं होता कि वे हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं। कई मामलों में बीमारी का पता तब चलता है जब स्थिति गंभीर हो चुकी होती है जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button