रिश्वतखोरी में म्यूनिशन्स इंडिया के कार्यकारी निदेशक सहित तीन गिरफ्तार
पुणे में 1.73 करोड़ रुपये नकद बरामद, तीन शहरों में छापेमारी में मिले 50 लाख और अहम दस्तावेज

रिश्वतखोरी में म्यूनिशन्स इंडिया के कार्यकारी निदेशक सहित तीन गिरफ्तार
– पुणे में 1.73 करोड़ रुपये नकद बरामद, तीन शहरों में छापेमारी में मिले 50 लाख और अहम दस्तावेज
जय सिंह, यशभारत। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अनिल कुमार ने निजी ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के साथ कथित मिलीभगत कर उन्हें आधिकारिक लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत की मांग की और स्वीकार की। सीबीआई ने आरोपियों से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कुल करीब 2.23 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके साथ ही मामले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
सीबीआई ने 12 अक्टूबर 2026 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके अगले दिन, 13 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें अनिल कुमार के अलावा निजी कंपनी एसएमपीपी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और निदेशक/प्रवर्तक आशीष कंसल तथा अनिल कुमार के भाई बी. हर्षवर्धन शामिल हैं।
जांच के दौरान सीबीआई ने पुणे स्थित आरोपी अधिकारी से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली। इस दौरान 1.73 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। इसके बाद जांच एजेंसी ने मैसूरु, बेंगलुरु और दिल्ली में भी आरोपियों से संबंधित परिसरों की तलाशी ली। इन स्थानों से करीब 50 लाख रुपये नकद और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। बरामद नकदी और दस्तावेजों को कथित रिश्वतखोरी के मामले की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीबीआई अब कथित रिश्वत लेन-देन, निजी ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के साथ संभावित मिलीभगत तथा बरामद नकदी के स्रोत की पड़ताल कर रही है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कथित रिश्वतखोरी में अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं। मामले से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







