मप्र के 16 जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल, ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ मॉडल से होगी जांच

मप्र के 16 जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल, ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ मॉडल से होगी जांच
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने प्रदेश की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी घोषणा की है। शनिवार को भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राज्य के 16 जिलों में बच्चों और युवाओं की बीमारियों की पहचान के लिए विशेष कार्यक्रम की शुरुआत की।
प्राइमरी हेल्थ सेंटरों पर जोर
डिप्टी सीएम ने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को बुनियादी जांच के लिए शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा। सरकार ने ‘अध्यापक स्तर’ तक जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की है। उन्होंने विशेष रूप से ‘हेल्थ मॉडल’ का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके माध्यम से प्राइमरी हेल्थ सेंटरों (PHC) में डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान की जाएगी।
जीवनशैली और बीमारियों पर चेतावनी
बढ़ते गैर-संचारी रोगों (NCDs) पर चिंता जताते हुए राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि जीवनशैली से जुड़ी लापरवाही के कारण डायबिटीज जैसी बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। अगर समय रहते इनका पता चल जाए और आदतों में सुधार किया जाए, तो जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। हमारा लक्ष्य है कि लोग बीमारी की पहचान के बाद भी एक गुणवत्तापूर्ण जीवन जी सकें।
बच्चों और युवाओं के लिए विशेष अभियान
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पहल का एक मुख्य हिस्सा बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग करना है। 16 जिलों के जिला अस्पतालों में विशेष टीमें बीमारियों को ‘आइडेंटिफाई’ करेंगी और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी। इस कार्यक्रम को भविष्य में पूरे प्रदेश में विस्तार देने की योजना है।







