MURDER : महिला का संदिग्ध परिस्थितियों में घर में मिला था शव : पति और बेटा दोनों निकले हत्यारे… पढ़े सनसनीखेज खुलासा

मंडला ।जिले के निवास थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घुरनेर में एक अधेड़ महिला का शव उसके ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मृतका की पहचान 42 वर्षीय तुलसा बाई के रूप में हुई। प्रथम दृष्टया शव पर चोट के निशान होने से हत्या की आशंका जताई जा रही थी। जिसका खुलासा पुलिस ने कर दिया है। ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया था। कि महिला को उसके पति और बेटों द्वारा लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस ने पति व दोनों बेटों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी जिसके बाद खुलासा हुआ।
ग्रामीणों के अनुसार मृतका तुलसा बाई लंबे समय से पति व बेटों से अलग घर के बाजू में एक छोटी सी कोठरी में रह रही थीं। वह दूसरों के घरों में मजदूरी का काम करके अपना गुजारा करती थीं। ग्रामीणों ने बताया कि आए दिन परिवार में विवाद होता था और महिला के साथ मारपीट भी की जाती थी। तीन दिन पहले भी घर में विवाद हुआ था, जिसके बाद से कोई आवाज नहीं आई। शव 48 घंटे से अधिक पुराना बताया जा रहा था। शुक्रवार को सुबह करीब आठ बजे मृतका के छोटे बेटे राजेश सिगरौरे (उम्र लगभग 20 वर्ष) ने एक गुजरती महिला को रोका और बताया कि उसकी मां नहीं उठ रही हैं। जब उस महिला ने शव को हिलाया तो चेहरे और सिर पर खून तथा चोट के गहरे निशान दिखाई दिए। तुरंत गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने मौके पर पहुंचकर पति पक्ष पर गुस्सा उतारा। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
पुलिस को घटनास्थल पर एक प्लास्टिक के टब में लाल रंग का पानी भी मिला था। जिससे शंका जताई जा रही थी कि हत्या ही हो सकती है। शव पर चोट के निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दिए, जिससे हत्या की आशंका और मजबूत हुई। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी और हत्यारों का पता लगा लिया और माननीय कोर्ट के समकक्ष प्रस्तुत कर वहां से जिला जेल भेज दिया गया इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही हैं।
पुलिस कि पूंछ तांछ ने खोला, हत्या का राज
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। और सभी के मुख से बार बार निकलता एक ही शब्द की हत्यारे पति और बेटे हैं। जो उसे प्रताड़ित करते थे। जिसके चलते वह अकेले रहने और दूसरो के घर काम करने मजबूर थी। आय दिन विवाद मारपीट सहन करती रही महिला। जिसके बाद घटना स्थल से ही पुलिस ने पति और मृतक महिला के दोनो बेटों को उठकर थाने ले आई और लगातार पूंछ तांछ चल रही थी। सबसे बड़ा और अहम सवाल यह भी था, जो सबको बार बार परेशान और यह सोचने में मजबूर कर रहा है। कि आखिर जब पति या बेटों महिला को नहीं मारा तो फिर पुलिस को सूचना क्यों नही दी ? घर के बाहर रखे प्लास्टिक टप में वो लाल पानी कहां से आया ? आखिरकार हर तरह के उठते सवालों पर पुलिस ने अंकुश लगा दिया और कातिलों तक पहुंच लगभग 15 घंटे में हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
महिला का पति और बेटा निकला हत्यारा, घरेलू कलह भी हत्या की वजह
15/04/2026 को शाम करीबन 06.00 बजे पुरानी बातो को लेकर मृतिका तुलसा एवं पति चन्द्रिका वाद विवाद कर रहे थे उसी समय मृतिका का बडा लड़का मनोहर जो अपनी माता से बातचीत नही करता था। वह भी घर पर था तुलसा द्वारा पुरानी बात की लडाई को लेकर वाद विवाद करने की बात पर से मनोहर ने तुलसा के बाल पकडकर जमीन पर पटक दिया, उसी समय चन्द्रिका नीचे गिरी हुई तुसला के पेट पर बैठकर उसका दोनो हाथों से गला दबा दिया तथा वही पडा मसाला पीसने का पत्थर उठाकर तुलसा के सिर व चेहरे पर मारा जिससे मृतिका के सिर तथा नाक से अत्यधिक खून बहने लगा जिससे तुलसा की मृत्यु हो गयी। उसी समय मृतिका का खून बेटे मनोहर के कपडे एवं हाथ तथा पति चन्द्रिका के कपडे, हाथ तथा पत्थर मे लग गया तभी चन्द्रिका ने पत्थर को वही तुलसा की लाश पास फेक दिया फिर चन्द्रिका और मनोहर ने नहानी मे रखे टप मे रखे पानी से अपने अपने हाथ धोये और घटना के समय पहने हुये कपडे को उतारकर अपने अपने काम पर चले गये । आरोपीगणो (1) चन्द्रिका प्रसाद उर्फ प्रकाश सिंगरौरे पिता गया प्रसाद सिंगरौरे उम्र 50 साल निवासी ग्राम घुरनेर थाना निवास (2) आरोपी मनोहर प्रसाद सिंगरौरे पिता चन्द्रिका प्रसाद उर्फ प्रकाश सिंगरौरे उम्र 24 साल निवासी ग्राम घुरनेर थाना निवास से घटना के समय पहने हुये कपडे जप्त कर आरोपियो को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय निवास के समक्ष पेश किया गया है।
उक्त संपूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी निवास निरीक्षक गोपाल घासले,उनि पंक विश्वकर्मा, उनि हिमांशु चौहान, सउनि भुवन अतकरे, प्र.आर. 430 पुसुलाल पंचेश्वर, आर. 627 रोहित कुमार कुशवाहा, आर. 90 अभिनव दुबे, आर. 486 स्वरूप वरकडे, आर. 386 बुद्धसेन मरावी, आर. 701 ज्ञानेन्द्र कौशिक , सैनिक इन्दर का महत्वपूर्ण योगदान रहा।







