यूपीएससी परीक्षा की सफलता में मध्यप्रदेश की बढ़ती उपस्थिति हम सबके लिए गौरव का विषय – मुख्यमंत्री – यूपीएससी-2025 में चयनित अभ्यर्थियों से कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मुख्यमंत्री ने किया संवाद

यूपीएससी परीक्षा की सफलता में मध्यप्रदेश की बढ़ती उपस्थिति हम सबके लिए गौरव का विषय – मुख्यमंत्री
– यूपीएससी-2025 में चयनित अभ्यर्थियों से कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मुख्यमंत्री ने किया संवाद
भोपाल, यशभारत। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा की सफलता में मध्यप्रदेश की बढ़ती उपस्थिति हम सबके लिए गौरव का विषय है। प्रदेश की माटी से 61 सिलेक्शन बदलते मध्यप्रदेश की तस्वीर हैं। यह बात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने यूपीएससी में चयनित अभ्यार्थियों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कही। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सोमवार शाम को कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूपीएससी-2025 की परीक्षा में चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह आपके संकल्प और सामर्थय का सम्मान है। चयनित अभ्यर्थी वर्ष-2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के शिल्पकार हैं। जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मना रहा होगा, तब आप प्रशासन के शिखर पर होंगे। आपका एक-एक निर्णय, एक-एक नवाचार, विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की नीव रखेगा। नियति ने आप सबको महत्वपूर्ण दायित्व के लिए चुना है। सफलता अपने साथ दायित्व लेकर आती है।
चयनित अभ्यर्थियों पर केंद्रित लघु फिल्म का हुआ प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों पर केंद्रित मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम पुस्तिका के डिजिटल वर्जन का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण किया। चयनित अभ्यर्थियों पर केंद्रित लघु फिल्म का इस अवसर पर प्रदर्शन भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चयनित युवाओं के लिए दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में प्रशासनिक सेवा में आना सौभाग्यशाली अवसर है। लोकतंत्र की खूबसूरती है कि राजनीतिक क्षेत्र में चुनाव के आधार पर हर 5 वर्ष में जनप्रतिनिधियों की परीक्षा होती है। यह लोकतंत्र की ही विशेषता है कि इसमें देश की जनता के विश्वास के आधार पर व्यक्ति सर्वोच्च पद पर पहुंच सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को आगे बढ़ाने का समय है। मानवीय कार्यों के आधार पर देश की दुनिया में विशिष्ट पहचान है। चयनित अभ्यर्थी अपने सेवाकाल में अंत्योदय, नवाचार, ईमानदारी और सत्य निष्ठा से कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए आत्मनिर्भर भारत के शिल्पकार बनें।
सोहागपुर और सिरोंज जैसे छोटे शहरों के अभ्यर्थियों का भी हुआ चयन
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में इस वर्ष देशभर से कुल 958 अभ्यर्थी चयनित हुए। इनमें मध्यप्रदेश के 61 प्रतियोगी शामिल हैं। देश की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता अर्जित करने वाले हमारे 22 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने शासकीय स्कूल – कॉलेज से पढ़ाई की है। प्रदेश के सोहागपुर और सिरोंज जैसे छोटे शहरों से आने वाले अभ्यर्थियों का भी चयन हुआ है। यह सिविल सेवा के प्रति राज्य के युवाओं में बढ़ते रुझान को दर्शाता है। अब यह धारणा धीरे-धीरे समाप्त हो रही है कि सिविल सेवा में चयन के लिए राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों अथवा दिल्ली या इंदौर जैसे शहरों में जाकर ही तैयारी करनी होगी। इस अवसर पर अखिल भारतीय स्तर पर 5वीं रैंक प्राप्त ईशान भटनागर और 260वीं रैंक प्राप्त प्राची चौहान ने अपने अनुभव साझा किए। भटनागर ने बताया कि गवर्नेंस संवैधानिक मूल्यों को धरातल पर लाने का सही तरीका होता है, यही मेरी प्रेरणा रही। प्राची चौहान ने कहा कि धैर्य और ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता।







