पीएम स्वनिधि योजना में मध्यप्रदेश फिर अव्वल – 9.92 लाख से अधिक पथ विक्रेताओं को मिला लाभ

पीएम स्वनिधि योजना में मध्यप्रदेश फिर अव्वल
– 9.92 लाख से अधिक पथ विक्रेताओं को मिला लाभ
भोपाल, यश भारत । प्रदेश में पथ विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश लगातार देश में अग्रणी बना हुआ है। योजना के तहत राज्य में अब तक 9.92 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वाले पथ विक्रेताओं को लाभ मिला है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अनुसार योजना को पुनर्गठित करते हुए अब पथ विक्रेताओं को चरणबद्ध तरीके से 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही 30 हजार रुपये तक का यूपीआई -लिंक्ड क्रेडिट कार्ड भी जारी किया जा रहा है। योजना की अवधि अब 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दी गई है।
प्रदेश में अब तक 15.69 लाख ऋण प्रकरण स्वीकृत कर लगभग 2632 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने से 7 लाख से अधिक पथ विक्रेता डिजिटल लेन-देन कर रहे हैं, जिसके चलते उन्हें योजना के तहत 47 करोड़ रुपये से अधिक का कैशबैक भी मिला है।
नगरीय निकाय भी राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी
योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश के कई नगरीय निकायों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इंदौर नगर निगम ने 33,332 ऋण प्रकरण वितरित कर देश में पहला स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ इंदौर ने मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद जैसे बड़े महानगरों को भी पीछे छोड़ दिया है।
इसी श्रेणी में भोपाल नगर निगम ने दूसरे और जबलपुर नगर निगम ने तीसरे स्थान पर जगह बनाई है, जबकि बड़ोदरा और नागपुर चौथे और पांचवें स्थान पर रहे। वहीं 1 लाख से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में उज्जैन नगर निगम ने देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है।
सरकार का कहना है कि योजना के माध्यम से पथ विक्रेताओं को स्वरोजगार के लिए सस्ता ऋण, डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन का लाभ मिल रहा है, जिससे उनकी आय और आजीविका में स्थिरता आई है।







