निगम कर्मचारियों की लापरवाही पर आयुक्त सख्त – स्वच्छता कार्यों में ढिलाई पर जताई नाराजगी, बिना अनुमति अवकाश पर भी रोक

निगम कर्मचारियों की लापरवाही पर आयुक्त सख्त
– स्वच्छता कार्यों में ढिलाई पर जताई नाराजगी, बिना अनुमति अवकाश पर भी रोक
भोपाल, यश भारत । नगर निगम के कार्यों और समय-सीमा वाले प्रकरणों की समीक्षा बैठक में स्वच्छता कार्यों में लापरवाही पर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कड़ा रुख अपनाया है । समीक्षा के दौरान कई क्षेत्रों में स्वच्छता कार्यों की निगरानी और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर असंतोष जताते हुए आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किए।
भोपाल नगर निगम के आईएसबीटी स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत जोन में पदस्थ नोडल अधिकारी तय समय पर अपने-अपने क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से मौजूद रहें और स्वच्छता कार्यों की नियमित निगरानी करें। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर कर्मचारियों के समय पर उपस्थित न होने की शिकायतें सामने आई हैं, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाती हैं। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना सक्षम स्वीकृति के अवकाश नहीं लेगा। बिना अनुमति अवकाश लेने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों के पास अन्य विभागों के कार्यों के साथ स्वच्छता की जिम्मेदारी भी है, उन्हें स्वच्छता कार्यों से अलग किया जाए ताकि जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय हो सके।
बैठक में शहर की सड़कों पर पड़े निर्माण एवं विध्वंस मलबे (सीएंडडी वेस्ट) को लेकर भी नाराजगी जताई गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि निजी और शासकीय संस्थानों द्वारा सड़कों पर डाला गया मलबा तुरंत हटाकर निर्धारित निष्पादन स्थल तक पहुंचाया जाए। इसके अलावा नालों और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने, फुटपाथों से अतिक्रमण और ठेले हटाने के भी निर्देश दिए गए।
आयुक्त ने समग्र पोर्टल से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक वार्ड में समग्र केवाईसी के लिए एक कर्मचारी को प्रभारी बनाया जाए और वार्ड प्रभारी अपनी आईडी का उपयोग कर समग्र आईडी हटाने की प्रक्रिया पूरी करें।
बैठक में जनगणना-2027 की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। आयुक्त ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे जनगणना के प्रथम चरण के तहत ऑनलाइन स्वगणना फॉर्म अनिवार्य रूप से भरें। उन्होंने कहा कि इससे जनगणना कार्य के दौरान प्रगणकों को सटीक जानकारी समय पर मिल सकेगी और पूरी प्रक्रिया सरल हो सकेगी।
बैठक में अपर आयुक्त, उपायुक्त सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।







